व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रवेश समिति (एसीपीसी) के तहत इस वर्ष 27 जनवरी से 30 मार्च तक डीडीसीईटी के लिए 19418 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें से 19290 ने फीस भरकर प्रक्रिया पूरी की। इसमें से डिप्लोमा इंजीनियरिंग से डिग्री इंजीनियरिंग (डीटूडी इंजीनियरिंग) के लिए 19077 विद्यार्थी और डिप्लोमा फार्मेसी से डिग्री फार्मेसी (डीटूडी फार्मेसी) के लिए 213 विद्यार्थियों ने फॉर्म भरा है। 19290 विद्यार्थियों में से देश के अन्य 20 राज्यों के 713 विद्यार्थी शामिल हैं। गत वर्ष 2024-25 में 18246 विद्यार्थियों ने फॉर्म भरा था। उसकी तुलना में इस वर्ष 2025-26 के लिए एक हजार ज्यादा 19290 विद्यार्थियों ने फॉर्म भरा है।
प्रवेश के लिए मई से शुरू होगा पंजीकरण
एसीपीसी के तहत डीडीसीईटी 19 अप्रैल को ली जाएगी। राज्यभर में इसके लिए 51 केन्द्र बनाए गए हैं। इसका परिणाम मई महीने के दूसरे सप्ताह में घोषित होगा। मई महीने के दूसरे सप्ताह में ही डीटूडी इंजीनियरिंग और फार्मेसी में प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू होगा।
डीटूडी इंजीनियरिंग में 42 हजार सीटें
वर्ष 2025-26 के लिए डीटूडी इंजीनियरिंग कोर्स के लिए 16 सरकारी, 3 अनुदानित और 119 निजी कॉलेजों में 42 हजार सीटें हैं। डीटूडी फार्मेसी कोर्स में तीन सरकारी, 3 अनुदानित और 98 निजी कॉलेजों में 1400 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया की जाएगी। 10 फीसदी सीटों के अलावा गत वर्ष की रिक्त सीटों को भी इसमें शामिल किया जाता है।