पहली सर्विसिंग (500-750 किमी या 1 महीना)
नई बाइक या स्कूटी की पहली सर्विसिंग सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसे आमतौर पर 500 से 750 किलोमीटर चलाने के बाद या एक महीने के अंदर करा लेना चाहिए। इस दौरान इंजन ऑयल बदला जाता है, नट-बोल्ट टाइट किए जाते हैं और बाइक के अलग-अलग हिस्सों की जांच की जाती है।
दूसरी सर्विसिंग (2500-3000 किमी या 3-4 महीने)
इसके बाद, दूसरी सर्विसिंग 2500 से 3000 किलोमीटर पर या 3 से 4 महीने के भीतर करानी चाहिए। इसमें फिर से इंजन ऑयल बदला जाता है, ब्रेक्स और चेन की जांच होती है, और जरूरी मेनटेंस से जुड़े काम किए जाते हैं।
तीसरी सर्विसिंग (5500-6000 किमी या 6 महीने)
तीसरी सर्विसिंग लगभग 5500 से 6000 किलोमीटर पर या 6 महीने के भीतर करानी चाहिए। इसमें बाइक या स्कूटी की डीप क्लीनिंग, एयर फिल्टर चेकिंग, और ब्रेक शू रिप्लेसमेंट जैसी जरूरी चीजें होती हैं। ये भी पढ़ें- ऑटोमोबाइल सेक्टर में रौनक: मार्च 2025 में कारों की बिक्री ने पकड़ी रफ्तार, जानें Tata से लेकर Mahindra तक सभी का हाल आगे की सर्विसिंग (हर 3000-4000 किमी या 6 महीने बाद)
तीसरी सर्विसिंग के बाद, बाइक या स्कूटी की हर 3000 से 4000 किलोमीटर पर सर्विसिंग करानी चाहिए। अगर आपकी बाइक या स्कूटी ज्यादा चलाई जाती है, तो इंजन ऑयल और अन्य चेकअप जल्द कराने चाहिए।
सर्विसिंग न कराने के नुकसान
इंजन पर असर – अगर समय पर ऑयल न बदला जाए, तो इंजन की परफॉर्मेंस घट जाती है। माइलेज कम होना – सही ट्यूनिंग न होने पर बाइक/स्कूटी की माइलेज कम हो सकती है। ब्रेक्स और सेफ्टी – खराब ब्रेक्स दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। लाइफ कम होना – समय पर मेंटेनेंस न होने से बाइक जल्दी खराब हो सकती है। अगर आप अपनी बाइक या स्कूटी को लंबे समय तक बेहतरीन कंडीशन में रखना चाहते हैं, तो नियमित सर्विसिंग बेहद जरूरी है। कंपनी की सर्विस बुक में दिए गए मेंटेनेंस शेड्यूल को फॉलो करें और हमेशा ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर ही सर्विस कराएं।