इधर, पुलिस और प्रशासन ने श्रमिकों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है। वहीं, श्रमिक संगठनों का कहना है कि यदि मैनेजमेंट उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं करता तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
बोनस भुगतान को लेकर श्रमिकों में आक्रोश
दरअसल, भीलवाड़ा के चित्तौड़ मार्ग स्थित संगम इंडिया लिमिटेड प्लांट में करीब 150-200 मजदूर काम करते हैं। श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी मैनेजमेंट ने बोनस भुगतान को लेकर किए गए वादे पूरे नहीं किए। दीपावली से ही बोनस की मांग कर रहे कर्मचारियों ने गुरुवार सुबह 10 बजे धरना शुरू किया। जब प्रबंधन ने कोई समाधान नहीं निकाला, तो प्रदर्शन उग्र हो गया और श्रमिकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस पर हमला, हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ा
हंगामे की सूचना मिलते ही हमीरगढ़ थाना प्रभारी संजय गुर्जर मौके पर पहुंचे। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की तो श्रमिकों ने पुलिस जीप पर पथराव कर दिया। हालात को काबू में लाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को प्लांट से बाहर खदेड़ दिया गया। पुलिस ने अब तक 7 लोगों को हिरासत में लिया है। कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त- डोटासरा
इस घटना के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान में सरकार का कोई ऐतबार नहीं रहा, कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जो मुद्दे शांति से हल किए जा सकते हैं वहां अनावश्यक हिंसा हो रही है। किसान और मजदूरों की मांग को सुनने व समझने की बजाय उन्हें मसला जा रहा है, लाठी के खौफ से अकारण तनाव बढ़ाया जा रहा है।
जबकि दूसरी तरफ उपद्रवों, माफियों के तांड़व और बदमाशों के हमले में जहां सख्ती से कानून का इकलाब होना चाहिए वहां आए दिन राज्य की पुलिस पिट रही है। माननीय मुख्यमंत्री जी, सरकार सिर्फ भ्रमण, भाषण और भटकाने से नहीं चलती। राज्य में शांत व सुरक्षित वातावरण के साथ सशक्त, समृद्ध और सुनहरे राजस्थान का विजन होना चाहिए। दिल्ली से आई पर्चियों से चलने की बजाय प्रदेश में ठोस व्यवस्था स्थापित कीजिए।