इसके तहत पर्यटन या धार्मिक स्थल पर तय स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। सभी विश्व धरोहर वाले स्थलों पर भी अपनाया जाएगा। इससे पर्यटन स्थल (MP Tourism) की जानकारी देने वाले गाइड (Guide at tourism Places) की जरूरत खत्म हो जाएगी। जहां गाइड नहीं मिल पाते, वहां पर पर्यटकों को जानकारी न मिलने की समस्या भी खत्म हो जाएगी।
महाकाल लोक में लगेगा क्यूआर कोड
सरकार ने 2022 में 12 जगह क्यूआर कोड के जरिए पर्यटन केंद्र की जानकारी देने की व्यवस्था की थी। तीन भाषाओं में ऑडियो से जानकारी मिलती थी। अब सरकार महाकाल लोक में क्यूआर कोड बनाकर लगाएगी। अलग-अलग क्यूआर से महत्त्व, संत-देवी-देवताओं को लेकर जानकारी मिलेगी। दूसरे देवलोक के लिए भी क्यूआर कोड बनेंगे।
13.33 करोड़ पर्यटक प्रदेश में
एमपी में घरेलू पर्यटन में तेजी से इजाफा हो रहा है। 2024 में कुल 13.33 करोड़ पर्यटक आए थे।इनमें से 13.31 करोड़ पर्यटक घरेलू, 1.67 लाख विदेशी थे। 2023 में 11.21 करोड़ पर्यटक आए थे। बीते तीन सालों में पर्यटकों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। बीते छह साल में पर्यटकों की संया दोगुनी हो चुकी है।
अधिकतर जगह गाइड नहीं
मध्यप्रदेश में अभी अधिकतर प्राचीन, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर गाइड की व्यवस्था नहीं है। बड़े चुनिंदा पर्यटन स्थलों पर ही गाइड मिलते हैं। कई जगह संबंधित स्थल या प्रतिमा पर संक्षिप्त में जानकारी होती है। क्यूआर कोड से विस्तृत जानकारी मोबाइल पर मिल सकेगी।
प्रदेश के पर्यटन में तेजी से हो रहा इजाफा
प्रदेश के पर्यटन में तेजी से इजाफा हो रहा है। अब मध्यप्रदेश पूरे देश के लोगों के साथ विदेशियों को भी खूब भा रहा है। पयर्टन बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रहे हैं। अब तकनीक से जोड़कर भी काम हो रहा है। इसमें वर्चुअल टूर व क्यूआर कोड जैसे कदम भी उठा रहे हैं।