बीकानेर में गणगौर पूजन उत्सव के तहत चौतीना कुआ क्षेत्र में गणगौर का मेला भरा। यहां बड़ी संख्या में गणगौर प्रतिमाएं खोळा भरवाने की रस्म के लिए पहुंची। पूर्व बीकानेर राज परिवार की ओर से गणगौश्र प्रतिमाओं का खोळा भरा गया। मेले में शामिल होने के लिए गणगौर प्रतिमाओं को कलात्मक रूप से श्रृृगारित कर लाया गया। फोटो नौशाद अली
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गणगौर की अनूठी दौड़ बीकानेर में रियासतकाल से गणगौर दौड़ की परम्परा है। चौतीना कुआ से गणगौर दौड़ का आयोजन हुआ। पुरुषों ने अपने सिर पर गणगौर प्रतिमा रखकर दौड़ लगाई। पु ष्टिकर भादाणी पुरोहित पंचायत की गणगौर की दौड़ चौतीना कुआ से भुजिया बाजार तक हुई। इस दौरान कई पुरुषों व महिलाओं ने अपनी गणगौर प्रतिमाओं को रखकर प्रतीकात्मक दौड़ लगाई। इस दौरान सड़क के दोनों ओर शहरवासी उप िस्थत रहे। बीकानेर राज परिवार की गणगौर चौतीना कुआ पहुंची, उसी समय दौड़ प्रारंभ हुई। फोट नौशाद अली।
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शाही लवाजमें से निकली गणगौर की सवारी - बीकानेर में धुलंडी के दिन से चल रहे गणगौर पूजन उत्सव के तहत मंगलवार को दूसरे दिन जूनागढ़ किला िस्थत जनाना ड्योढ़ी से गणगौर की सवारी शाही लवाजमें के साथ निकाली गई। पालकी, बग्गी, चंवर सहित राजसी ठाठ-बाठ के साथ निकली गणगौर की सवारी चौतीना कुआ पहुंची। यहां परंपरा अनुसार गणगौर को पानी पिलाने, भोग अर्पित करने व पूजन की परंपरा का निर्वहन हुआ। नख से सिर तक आभूषणों एवं पारंपरिक वस्त्रों से श्रृंगारित गणगौर की प्रतिमा के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। फोटो - नौशाद अली।
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बीकानेर शहर में धुलंडी के दिन से चल रहे गणगौर पूजन उत्सव में मंगलवार को रियायतकालीन परंपरा अनुसार चौतीना कुआं पर गणगौर का मेला भरा। मेले में पारंपरिक वस्त्र-आभूषणों से सज-धज कर गणगौर प्रतिमाएं पहुंची। पूर्व बीकानेर राज परिवार की ओर से गणगौर प्रतिमाओं के खोळ भराई की रस्म हुई। मेले के दौरान भादाणी समाज पंचायत की गणगौर दौड़ हुई। जूनागढ़ किला से गणगौर की सवारी शाही लवाजमें के साथ निकली। मेले में पहुंची गणगौर प्रतिमाएं खोळ भराई की रस्म के बाद मेला स्थल से निकलते हुए। वहीं पारंपरिक आभूषणों से श्रृंगारित गणगौर प्रतिमा। फोटो- नौशाद अली
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बीकानेर शहर में मेले में पहुंची गणगौर प्रतिमाएं खोळ भराई की रस्म के बाद मेला स्थल से निकलते हुए। वहीं पारंपरिक आभूषणों से श्रृंगारित गणगौर प्रतिमा। फोटो- नौशाद अली