शिक्षा विभाग के अनुसार, स्कूल पिछले तीन वर्षों से बिना मान्यता के संचालित हो रहा है। नर्सरी से कक्षा 8वीं तक की कक्षाएं हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में चलाई जा रही हैं, जबकि स्कूल की मान्यता का नवीनीकरण नहीं हुआ है। विभाग ने इसे राइट टू एजुकेशन (आरटीई) अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए नोटिस जारी किया है। गौरतलब है कि पत्रिका ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
मान्यता नवीनीकरण का आवेदन नहीं
शिक्षा विभाग के अनुसार, ड्रीमलैंड स्कूल की मान्यता 16 अगस्त 2019 से 24 जुलाई 2022 तक थी, लेकिन 2022 में स्कूल प्रशासन ने नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं दिया। इसके बावजूद स्कूल लगातार संचालित होता रहा, परीक्षाएं आयोजित हुईं और परिणाम भी घोषित किए गए। दो साल बाद, 9 अप्रैल 2024 को स्कूल प्रशासन ने नवीनीकरण का आवेदन दिया, लेकिन उसमें भवन से संबंधित दस्तावेजों में कई खामियां पाई गईं।
विभाग ने स्कूल प्रबंधन को इन त्रुटियों को सुधारने के निर्देश दिए थे। नर्सरी से कक्षा 8वीं तक की मान्यता नवीनीकृत न होने के बावजूद स्कूल का संचालन किया जा रहा है। आरटीई अधिनियम के तहत बिना मान्यता के स्कूल चलाना अवैध है।
हर दिन 10 हजार के हिसाब से जुर्माना
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगर स्कूल प्रशासन निर्धारित समय सीमा यानी 3 अप्रैल तक जवाब प्रस्तुत नहीं करता, तो हर दिन के लिए 10 हजार रुपए अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा।