डीएफओ सत्यदेव शर्मा ने बताया कि मृत कछुओं का पोस्टमार्टम कानन जूलॉजिकल पार्क के
डॉक्टर से कराया गया है। इसके बाद उनका दाह संस्कार कर दिया गया। अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पीओआर दर्ज की गई है।
कछुओं को ले गई वन विभाग की टीम
रेंजर देव सिंह ने बताया कि खबरे मिलते ही उनकी टीम मौके पर पहुंचकर मृत कछुओं को पोस्टमार्टम हेतु कानन पेंडारी लेकर आ गई। पोस्टमार्टम के उपरांत इनकी मौत क्यों और कैसे हुई कि जानकारी मिल सकेगी। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, कुछ दिन पहले तीन दुकानें हुई थी खाक
मन्दिर परिसर में चहुंओर सीसीटीवी कैमरे के साथ ही आधा दर्जन चौकीदार तैनात रहते हैं। फिर भी कछुओं की मौत के बारे में कोइ नहीं बता पा रहा है और ना ही कोई संदिग्ध ब्यक्ति की कोई गतिविधि सीसीटीवी कैमरे में दिखाई पड़ रही है। कुछ दिनों पहले वीआईपी पार्किंग की दुकानों में भीषण आगजनी की घटना हुई थी, जिसमें तीन दुकानें जलकर खाक हो गई थी, इससे यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है।
इस संबंध में मन्दिर प्रबंधन कुछ भी कहने से बच रहा है। गौरतलब है कि नवरात्रि में यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं। इससे पहले मंदिर परिसर की सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरे को अपडेट किया जाता है। चौकीदार अपनी चौकसी बढ़ा देते हैं, तब ऐसी घटना ने ट्रस्ट के सुरक्षा बंदोबस्त के सारे दावों की पोल खोल दी है।