पिछले दो सीजन पहले ही क्षेत्र के आम उत्पादकों के लिए मुश्किल रहे हैं। 2023 में भीषण गर्मी की लहर के कारण 47,000 हेक्टेयर में फैले आम के बागानों में से 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावित हुए थे, जबकि उससे पिछले साल होपर मक्खी संक्रमण के कारण नुकसान हुआ था। पेरियामपट्टी के किसान ए. मुरुगेशन ने आर्थिक जोखिम पर चिंता जताते हुए कहा, आम की खेती से साल में सिर्फ एक बार आमदनी होती है, जिसे दोबारा बागों की देखभाल में लगा दिया जाता है। इस साल फूल देर से आने के कारण कीटों के हमले और पानी की बढ़ती जरूरत से अनिश्चितता बढ़ गई है।
सिंचाई के लिए कर्ज लेना पड़ा था
करीमंगलम के आर. सिबिराज ने बताया कि हाल ही अधिक धुंध छाने से फूल आने की प्रक्रिया बाधित हो सकती है, जबकि कृष्णगिरि के केएम सौंदाराजन ने किसानों की आर्थिक कठिनाइयों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, पिछले साल भीषण गर्मी से पेड़ों को बचाने के लिए किसानों को सिंचाई के लिए कर्ज लेना पड़ा था। अब फिर से लू चलने का डर उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। सालांकि, धर्मपुरी में बागवानी विभाग के अधिकारियों ने आम के फूल देर से आने का कारण चक्रवात ‘फेंगल’ को बताया है, जिसने भारी बारिश और अधिक मिट्टी की नमी ला दी। एक अधिकारी ने भरोसा दिलाते हुए कहा, यह कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है। अब गर्मी शुरू हो गई है, जिससे नमी का स्तर सामान्य हो रहा है और फूल आना शुरू हो गए हैं। हमें उत्पादन पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव पडऩे की उम्मीद नहीं है।