संगठन इस्लामिक खिलाफत स्थापित करने का कर रहा काम
यह मामला हिज्ब उत-तहरीर द्वारा भारत में राष्ट्रविरोधी विचारधारा के प्रचार और संगठन के संस्थापक तकी-अल-दीन-अल-नबहानी के संविधान को लागू करने की साजिश से जुड़ा है। यह संगठन भारत में इस्लामिक खिलाफत स्थापित करने के लिए काम कर रहा था। एनआइए की जांच के अनुसार, अजीज अहमद संगठन की गुप्त कक्षाओं के माध्यम से छात्रों और युवाओं की भर्ती और कट्टरपंथी बनाने की प्रक्रिया में शामिल था। वह अन्य आरोपियों और हिज्ब उत-तहरीर के सदस्यों के साथ मिलकर भारत में इस्लामिक खिलाफत स्थापित करने के लिए सैन्य सहायता (नुसरा) प्राप्त करने की कोशिश कर रहा था। एनआइए इस मामले की आगे की जांच जारी रखने के साथ ही संगठन से जुड़े अन्य संदिग्धों पर भी नजर बनाए हुए है।