MCA को पत्र लिख जायसवाल ने छोड़ा मुंबई
जायसवाल ने इसी साल अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी मैच खेला था। यह मुक़ाबला 23 से 25 जनवरी के बीच जम्मू कश्मीर के खिलाफ खेला था। उस मैच में उन्होंने चार और 26 रन बनाए थे।
जायसवाल के पत्र को लेकर एमसीए के एक अधिकारी ने कहा, ‘यह हैरानी की बात है। उसने कुछ सोचकर ही यह कदम उठाया होगा। उनसे हमने कहा कि उसे रिलीज कर दिया जाए और हमने उसका अनुरोध मान लिया।’
गोवा क्रिकेट संघ के सचिव ने क्या कहा
वहीं गोवा क्रिकेट संघ (GCA) के सचिव शंबा देसाई ने कहा, ‘वह हमारे लिए खेलना चाहता है और हम उसका स्वागत करते हैं। वह अगले सत्र से हमारे लिए खेलेगा’ ऐसा मान आजा रहा है कि जायसवाल को 2025-26 सत्र के लिए गोवा का कप्तान भी नियुक्त किया जा सकता है। देसाई ने आगे कहा, ‘हां, ऐसा हो सकता है। वह भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलता है और वह हमारा कप्तान हो सकता है। उसकी उपलब्धता को देखते हम बात करेंगे।’
ये दो खिलाड़ी भी छोड़ चुके हैं मुंबई
जायसवाल से पहले मुंबई के युवा बल्लेबाज सिद्देश लाड और ऑलराउंडर अर्जुन तेंदुलकर भी ऐसा कर चुके हैं। इन दोनों खिलाड़ियों ने मुंबई का साथ छोड़ गोवा से घरेलू क्रिकेट खेलने का फैसला लिया था। तेंदुलकर और लाड 2022-23 सत्र में गोवा चले गए थे। लाड हालांकि पिछले सत्र में मुंबई के लिए लौटे हैं।
वसीम जाफ़र को भी करना पड़ा था ऐसा
पिछले कुछ समय में जिस तरह से खिलाड़ियों ने मुंबई टीम को छोड़ा है। वह अपने में ही एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या मुंबई डोमेस्टिक टीम में सब कुछ सही नहीं है? क्या का टीम का माहौल टॉक्सिक है? यह अपने में ही एक बड़ा सवाल है। घरेलू क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले वसीम जाफ़र को भी अपने करियर के अंत में मुंबई का साथ छोड़ विदर्भ टीम से खेलना पड़ा था।
यशस्वी ने 2019 में किया था मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास डेब्यू
यशस्वी ने 2019 में मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया और तब से टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। अब तक उन्होंने 36 मैचों में 12 शतक और 12 अर्धशतक की मदद से 3,712 रन बनाए हैं। हालांकि, पिछले सीजन में उन्हें खेलने के ज्यादा अवसर नहीं मिले क्योंकि वह राष्ट्रीय टीम के साथ व्यस्त थे। उन्होंने केवल एक रणजी ट्रॉफी मैच खेला, जिसमें जम्मू-कश्मीर के खिलाफ 4 और 26 रन बनाए। यह मैच मुंबई के लिए निराशाजनक साबित हुआ। यशस्वी जायसवाल का क्रिकेट करियर मुंबई में ही आकार लिया, जहां उन्होंने कड़ी मेहनत और संघर्ष के दम पर अपनी पहचान बनाई। अब उनका गोवा जाना उनके करियर का नया अध्याय होगा। यह देखना रोचक होगा कि वह गोवा की टीम के लिए कैसा प्रदर्शन करते हैं।