पहले मुकाबले में राजस्थान की ओर से संजू सैमसन और ध्रुव जुरेल ने कमाल की बल्लेबाजी की थी और हैदराबाद के खिलाफ हार के अंतर को काफी कम किया था। दूसरे मुकाबले में दोनों बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके और कोलकाता ने आसानी ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। राजस्थान की सबसे बड़ी चिंता, उनकी पेस अटैक है। जोफ्रा आर्चक की खूब धुनाई हो रही है और वह दो मैचों में 100 से ज्यादा रन लुटा चूके हैं और सिर्फ 6.3 ओवर की बॉलिंग की है। महीश तिक्षणा और वनिंदु हसरंगा भी अब तक अपनी छाप नहीं छोड़ पाए हैं।
चेन्नई की बात करें तो उन्होंने अपने पहले मुकाबले में 5 बार की आईपीएल चैंपियन मुंबई इंडियंस को मात दी थी लेकिन दूसरे मुकाबले में वे बेंगलुरु के हाथों अपने घर में 17 साल के बाद 50 रन से हार गए थे तो रनों के लिहाज से चेपॉक में चेन्नई की सबसे बड़ी हार थी। इस हार ने सीएसके के हौंसलों पर जरूर घात किया होगा लेकिन टीम गलतियों को सुधारकर वापसी के लिए बेताब है।