Gujarat Blast Case : गुजरात के बनासकांठा के डीसा स्थित पटाखा फैक्टरी में हुए हादसे में जान गवाने वाले मध्य प्रदेश के हरदा और देवास जिले के सभी 18 लोगों के शव गुरुवार सुबह संदलपुर गांव लाए गए। इसके बाद नेमावर स्थित नर्मदा नदी के तट पर सभी का अंतिम संस्कार किया गया। मृतकों में 9 लोग संदलपुर के रहने वाले हैं, जबकि एक युवक खातेगांव का रहने वाला था। जबकि, शेष 8 शव हरदा के हैं। हादसे के शिकार सभी का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। इस दौरान चारों ओर से सिर्फ अपने मृतकों के दुख में रोते-बिलखते लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं।
नेमावर में स्थित नर्मदा के तट पर सभी का अंतिम संस्कार किया गया। अंत्येष्टि में सांसद प्रतिनिधि कमल पटेल, हरदा के विधायक आर.के दोगने, खातेगांव के विधायक आशीष शर्मा, मृतकों के परिजन के साथ-साथ दोनों जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
एमवाय अस्पताल में रखे गए थे शव
शव लेने के लिए बुधवार सुबह खातेगांव के प्रशासनिक अधिकारियों की टीम डीसा पहुंची थी। कागजी खानापूर्ति के बाद सुबह करीब 8.30 बजे 6 एम्बुलेंस में 10 शव को लेकर अधिकारी खातेगांव के लिए रवाना हुए। रास्ते में अधिक ट्रैफिक और लंबी दूरी होने के कारण शव का शाम तक खातेगांव व संदलपुर पहुंचना मुश्किल था। इसके चलते परिजन ने सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। ऐसे में सभी शवों को रात में इंदौर के एमवाय अस्पताल की मर्चूरी में रखवा दिया गया था। अब सूर्योदय होते ही सभी शव संदलपुर और खातेगांव लाए गए। यहां एक दिन पहले से ही अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी थी, जिसके चलते नेमावर में तत्काल ही सभी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हादसे में संदलपुर के लखन पिता गंगाराम (24), उसकी पत्नी सुनीता(20), मां केशरबाई (50), बहन राधा (11), रुकमा (8), भाई अभिषेक की मौत हुई। वहीं इनके रिश्तेदार राकेश पिता बाबूलाल भोपा (30), उसकी पत्नी डॉली (25), बेटी किरण (5) की मौत हुई है। वहीं राकेश की एक बेटी नैना (2) घायल हुई है। हादसे में खातेगांव के पंकज सांकलिया की भी मौत हुई है।
एक साथ जलीं 18 चिताएं
बुधवार को विधायक आशीष शर्मा, एसडीएम प्रिया चंद्रावत सहित अधिकारी संदलपुर पहुंचे और मृतकों के परिजनों से चर्चा की। इस दौरान परिजन ने आग्रह किया कि कम से कम अंतिम दर्शन के लिए शवों को दिखा दें। इस पर उन्हें बताया कि, शव क्षत-विक्षत हालत में हैं। ऐसे में तय हुआ कि, सभी शवों के अंतिम दर्शन एम्बुलेंस में ही होंगे। इसके बाद ठीक उसी तरह अंतिम दर्शन कराए गए। फिर सभी 18 शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
Hindi News / Dewas / गुजरात ब्लास्ट केस : एक साथ जलीं 18 चिताएं, चारों तरफ से आ रही थीं रोने-बिलखने की आवाजें