तीन में से एक स्किल बेस्ड विषय को चुनना अनिवार्य है
बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा के सिलेबस में बदलाव किया है। कक्षा 10वीं के छात्रों को अब तीन स्किल बेस्ड विषय में से किसी एक को अनिवार्य रूप से चुनना होगा। इनमें कंप्यूटर एप्लीकेशन, इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल हैं। इसके अलावा छात्रों को लैंग्वेज में से एक के रूप में अंग्रेजी को अनिवार्य रूप से चुनना होगा। भाषा का चयन 9वीं कक्षा में या फिर 10वीं में किया जा सकता है। मुख्य विषय में फेल हो जाने पर ऐसे बनेगा रिजल्ट
वहीं एक महत्वपूर्ण बदलाव ये किया गया है कि अगर कोई छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान या किसी भाषा जैसे मुख्य विषय में फेल हो जाता है तो अंतिम परिणाम में रिजल्ट कैल्कुलेशन के लिए किसी कौशल विषय या ऑप्शनल भाषा के विषय से बदल सकते हैं।
12वीं के सिलेबस में इन विषयों में किए गए अहम बदलाव
वहीं 12वीं के नए सिलेबस में भी महत्पूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। इसके तहत गणित, सामाजिक विज्ञान, ह्यूमैनिटीज, भाषा विषय, विज्ञान, स्किल विषय, जनरल स्टडीज और हेल्थ एंड पीएचई (फिजिकल एजुकेशन) में बदलाव किए गए हैं। इसी के साथ 4 नए स्किल बेस्ड विषय शामिल किए गए हैं, जिनमें भूमि परिवहन सहयोगी, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर, फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर, और डिजाइन थिंकिंग और इनोवेशन है। इससे प्रैक्टिकल एजुकेशन और वोकेशनल स्किल्स को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रेडिंग क्राइटेरिया में भी किया बदलाव
सिलेबस में बदलाव के साथ साथ CBSE ने ग्रेडिंग क्राइटेरिया में भी बदलाव किया है। ये बदलाव दोनों ही कक्षा, 10वीं और 12वीं के लिए किया गया है। अब CBSE में रिजल्ट बनाने के लिए 9-पॉइंट ग्रेडिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जहां अंकों को ग्रेड में परिवर्तित किया जाएगा। कक्षा 10वीं के छात्र साल में दो बार बोर्ड एग्जाम देंगे, पहला फरवरी में और दूसरा अप्रैल में। वहीं 12वीं की परीक्षा अभी भी वार्षिक ही होगी। परीक्षा फरवरी महीने में शुरू होगी।