शराब दुकान का किया विरोध
गांव की महिला प्यारी बाई ने सरकार को दो टूक कहा कि ‘उन्हें 1200 रुपए की लाड़ली बहना योजना नहीं चाहिए, लेकिन शराब दुकान भी नहीं चाहिए। उनका आरोप था कि इस राशि का इस्तेमाल शराब खरीदने में हो रहा है, जिससे उनके घरों में परेशानी बढ़ गई है। महिलाओं का कहना था कि शराब दुकान के कारण गांव में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है और महिलाएं-बेटियां असुरक्षित महसूस करती हैं।
तीन साल से उठा रहे हैं आवाज
गांव के सरपंच ने बताया कि वे पिछले तीन साल से इस दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन इस बार ग्रामीणों ने फैसला कर लिया कि वे अब पीछे नहीं हटेंगे। गुस्साए लोगों ने दुकान में ताला जड़ दिया और कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। तीन दिन में हटेगी दुकान
विरोध प्रदर्शन के बीच आबकारी विभाग के अधिकारी अनुराग सिंह ने सरपंच से फोन पर बात कर तीन दिन के अंदर दुकान को शिफ्ट करने का आश्वासन दिया। वहीं, एसडीएम निकेत चौरसिया ने भी इस बात की पुष्टि की कि जल्द ही दुकान को हटा दिया जाएगा।
प्रशासन की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर, धरना जारी
पथरिया की नायब तहसीलदार दीपमाला सिंह भी मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों को बताया कि उनकी शिकायत जिला मुख्यालय तक पहुंचा दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीण चाहें, तो वे अपनी मांग को कलेक्टर के सामने भी रख सकते हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ग्रामीणों का धरना जारी था।