Cardiogenic shock : जब दिल खून पंप करना बंद कर देता है
कार्डियोजेनिक शॉक के प्रमुख कारण: (Cardiogenic Shock Symptoms)
धमनियों में रुकावट – जब कोरोनरी आर्टरी में रुकावट आ जाती है, तो दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त खून नहीं मिल पाता।हाई ब्लड प्रेशर – लंबे समय तक उच्च रक्तचाप रहने से दिल की कार्यक्षमता कम हो जाती है।
अनियमित दिल की धड़कन – बहुत तेज़ या धीमी धड़कन से दिल की पंपिंग क्षमता प्रभावित होती है।
डिकंपेन्सेटेड लिवर सिरोसिस: जब लिवर काम करना बंद कर देता है
पाचन में सहायता करना
विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना
डिकंपेन्सेटेड लिवर सिरोसिस के लक्षण: (Symptoms of decompensated liver cirrhosis)
– पेट में सूजन (Ascites)– त्वचा और आंखों का पीला पड़ना (Jaundice)
– उल्टी या मल में खून आना
– चीजों को समझने में दिक्कत होना
– शारीरिक कमजोरी और थकान महसूस होना
बढ़ती उम्र में सेहत का ध्यान कैसे रखें?
मनोज कुमार जैसी बीमारियों से बचने के लिए बढ़ती उम्र में अपनी सेहत का खास ख्याल रखना ज़रूरी है।दिल को स्वस्थ रखें:
संतुलित आहार लें – तले-भुने खाने की बजाय हरी सब्ज़ियां, फल और ओमेगा-3 युक्त भोजन लें।
ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की निगरानी करें।
लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय:
– ज्यादा तैलीय और मसालेदार भोजन से बचें।
– पानी खूब पिएं और हेल्दी डाइट अपनाएं।
नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं:
– ब्लड टेस्ट और बीपी चेकअप ज़रूर करवाएं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा,महान अभिनेता और फिल्म निर्माता श्री मनोज कुमार जी के निधन से गहरा दुख हुआ। वे भारतीय सिनेमा के दिग्गज थे, जिनकी देशभक्ति की भावना उनकी फिल्मों में साफ झलकती थी। उनकी कृतियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”
मनोज कुमार सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के आइकन थे। उनकी फिल्में जैसे ‘पूरब और पश्चिम’, ‘क्रांति’, ‘उपकार’ देशभक्ति का जज़्बा जगाने वाली हैं। उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।