जस्टिस शुक्ला की बेंच ने इन टिप्पणियों पर कहा, अधिवक्ता के बयान की रोशनी में स्पष्ट है कि उन्होंने इस कोर्ट के खिलाफ शर्मनाक और अवमाननाजनक टिप्पणी की है। इसलिए, इस आदेश की प्रमाणित प्रति मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत को अवलोकन व आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजी जाए।साथ ही बेंच ने मामले की सुनवाई भी स्थगित कर दी।
आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल
दरअसल, पांढुर्णा में एक मारपीट की घटना पर हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी। इस केस में पहले दिए गए आदेश के खिलाफ क्रिमिनल रिवीजन अपील दायर की गई, जिसकी सुनवाई जस्टिस शुक्ला की एकल पीठ के समक्ष हो रही थी। सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता के वकील ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, तब कोर्ट ने गंभीरता दर्शाई। ये भी पढ़ें: इंतजार खत्म…..एमपी में कर्मचारी को मनपसंद स्थानों पर मिलेगा ट्रांसफर ! कोर्ट रूम में अधिवक्ता ने यह कहा
अधिवक्ता ने कहा, ‘इस कोर्ट में 4 घंटे से तमाशा चल रहा है, मैं देख रहा हूं। जज दूसरी जगह जाकर कहते हैं नए जज की नियुक्ति करो, पर जजेस का हाल देखो। जो दिल्ली में हुआ, वह भी देखा जाए। यहां पेंडेंसी बढ़ रही है। हमें परेशान किया जा रहा है। मैं आज शाम को डॉ. मोहन यादव को बोलता हूं।’ मैंने 20 बार अन्य पीठ को केस ट्रांसफर करने का आग्रह किया।