कौन है आदित्य जैन उर्फ टोनी?
बताया जा रहा है कि आदित्य जैन एक साफ-सुथरे परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके पिता कुचामन में किराने की दुकान चलाते हैं और वह परिवार का इकलौता बेटा है। लेकिन उसने अपराध की दुनिया को अपना रास्ता बना लिया। टोनी ने दुबई के शारजहां में एक फ्लैट को लॉरेंस-गोदारा गैंग के लिए कंट्रोल रूम में तब्दील कर दिया था, जहां से वह भारत में धमकी भरे कॉल्स, फिरौती और गैंग की गतिविधियों को संचालित करता था। आदित्य जैन की कैसे हुई गिरफ्तारी?
जानकारी के मुताबिक DIG योगेश यादव और ASP नरोत्तम वर्मा के नेतृत्व में AGTF ने इंटरपोल की मदद से आदित्य के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया। इसके बाद ASP सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में बनी पुलिस टीम ने CBI के जरिए इंटरपोल रेफरेंस भेजा, जिस पर कार्रवाई करते हुए दुबई पुलिस ने टोनी को हिरासत में लिया। राजस्थान पुलिस की विशेष टीम दुबई पहुंची और उसे गिरफ्तार कर जयपुर लेकर आई।
विदेश में बैठकर क्या करता था टोनी?
विदेश में बैठकर लॉरेंस और गोदारा गैंग के लिए धमकी कॉल्स की व्यवस्था करता था। गिरोह की जबरन वसूली, गोलीबारी जैसे अपराधों की योजना में शामिल था। शारजहां के फ्लैट से कंट्रोल रूम के रूप में गैंग की गतिविधियां चला रहा था। साथ ही टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर डब्बा कॉल्स के जरिए ट्रेसिंग से बचता था। टोनी की लंबे समय से थी तलाश
ADG क्राइम दिनेश एमएन के अनुसार आदित्य जैन लंबे समय से राजस्थान पुलिस की रडार पर था, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। जब भी प्रदेश में किसी को धमकी भरे फोन आते, जांच की कड़ी अंततः टोनी तक जाती। लेकिन उसकी विदेश में लोकेशन और हाई-टेक सिस्टम के चलते गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी।
जयपुर से सीधे नागौर रवाना
बताते चलें कि आदित्य को बुधवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट लाया गया, जहां करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ के बाद पुलिस टीम उसे नागौर रवाना कर ले गई। माना जा रहा है कि नागौर और आसपास के जिलों में सक्रिय गैंग के सदस्यों व नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जाएगी।
गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्ग की यह गिरफ्तारी राजस्थान में सक्रिय संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इस गिरफ्तारी के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग की इंटरनेशनल सपोर्ट लाइन को बड़ा झटका लगा है। आने वाले दिनों में इस गिरफ्तारी से कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।