दरअसल, पिछले दिनों किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर के आमागढ़ मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी ही सरकार पर जासूसी करने और फोन टैपिंग के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि मेरी जासूसी हो रही है, फोन टैप किया जा रहा है।
मालूम हो कि किरोड़ी लाल मीणा के इन आरोपों के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया था, क्योंकि विपक्ष ने विधानसभा में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा किया था। सीएम से जवाब मांगते हुए जमकर नारेबाजी की थी। इसे सरकार की अंदरूनी कलह का मामला बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा था। वहीं, भाजपा नेतृत्व ने इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था।
आपने पार्टी के अनुशासन को भंग किया- राठौड़
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि आप भारतीय जनता पार्टी के सदस्य है और भारतीय जनता पार्टी के टिकिट पर राजस्थान विधानसभा के लिए सवाई माधोपुर क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुये हैं। आप राजस्थान सरकार में मंत्री भी हैं। नोटिस में कहा गया कि आपने गत दिनों मंत्री परिषद से त्यागपत्र की सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशन हेतु उपलब्ध करवाई एवं सार्वजनिक रूप से समाचार पत्रों में बयान देकर भाजपा नीत सरकार पर आप के टेलीफोन टेप कराने का आरोप लगाया जो असत्य है। आपने सार्वजनिक रूप से उपरोक्त बयान दे कर भारतीय जनता पार्टी व भाजपा की बहुमत वाली सरकार की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का कृत्य किया। आपका उपरोक्त कृत्य भारतीय जनता पार्टी के संविधान में वर्णित अनुशासन भंग की परिभाषा में आता है।
नोटिस में आगे कहा गया कि आपके उपरोक्त बयान को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी के संविधान में वर्णित अनुशासनहीनता माना है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय के निर्देशानुसार आपको यह “कारण बताओ नोटिस” भेजा जा रहा है। अतः आप उपरोक्त नोटिस में वर्णित आरोपों का तीन दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें, अन्यथा यह समझा जायेगा कि आपको उपरोक्त आरोप के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं देना है। इति
क्यों फंसे किरोड़ी लाल मीणा?
बता दें कि किरोड़ी लाल मीणा ने गुरुवार को जयपुर के आमागढ़ मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी ही सरकार पर जासूसी करने और फोन टैपिंग के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि मेरी जासूसी हो रही है। फोन टैप किया जा रहा है। पिछली सरकार में भी ऐसा हुआ था, लेकिन मैंने चकमा दे दिया था। अब फिर से वही हो रहा है। किरोड़ी लाल ने कहा था कि जब मैंने भ्रष्टाचार के कुछ मामलों को उजागर किया, तो सरकार ने मेरी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। 50 फर्जी थानेदारों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन जब मैंने परीक्षा रद्द करने की मांग की तो सरकार ने मेरी बात नहीं मानी। उल्टा मेरे खिलाफ सीआईडी लगा दी गई और फोन टैपिंग शुरू कर दी गई।