राजस्थान में खाद्य सुरक्षा और शुद्ध आहार अभियान के तहत चल रही कार्रवाई के बीच चौंकाने वाला ऑडियो सामने आया है। इसमें खाद्य कारोबारियों से उगाही और ब्लैकमेलिंग की बातचीत रिकॉर्ड है। इस ऑडियो में एक बिचौलिए की अपने परिचित घी निर्माता कम्पनी के प्रतिनिधि और खाद्य सुरक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की बातचीत है। इस ऑडियो में मिलावटखोरों को बचाने के बदले लाखों रुपए की डील की जा रही है।
ऑडियो में बिचौलिया कह रहा है कि वो (खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी का नाम) कुछ नहीं बोलेगा, क्योंकि उसे पहले ही 5 लाख रुपए दिए जा चुके हैं। बातचीत से यह भी संकेत मिलता है कि त्योहारों से पहले खाद्य कारोबारियों से पैसा उगाही का संगठित खेल शुरू हो जाता है। ऑडियो में मौजूद बातचीत में पैसा देने वाली कंपनियों के माल को सुरक्षित बताया गया, जबकि पैसा नहीं देने वालों के माल को सीज करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। यह ऑडियो राजस्थान पत्रिका को एक ‘विसल ब्लोअर’ ने भेजा है। चूंकि पत्रिका ऑडियो की पुष्टि नहीं करता इसलिए खबर में संबंधित लोगों का नाम नहीं दिया गया है।
ऑडियो में बातचीत के अंश
बिचौलिया: (वरिष्ठ अधिकारी का नाम) तो करेगा नहीं, उसको चार दिन पहले ही 5 लाख दे दिए। प्रतिनिधि: तो फिर एक बार बात कर लेना आप… मैंने आपको इन्फॉर्म कर दिया है कि ये इस तरह का नाटक करेगा (घी निर्माता कम्पनी के ब्रांड का नाम) वाला भी हमारे पीछे लगेगा।
(बातचीत में खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की मदद से मिलावट के कारोबारियों में एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने की भी साजिश रची जा रही है)
तुम्हारा माल हटा दो, उसका सलटा देंगे…
इसके बाद बिचौलिया बिना पहला फोन काटे, दूसरे फोन से सीधे खाद्य सुरक्षा के वरिष्ठ अधिकारी को फोन लगाता है। उससे स्पीकर पर बात करता है ताकि कम्पनी प्रतिनिधि भी दूसरे फोन पर सुन सके। बातचीत में वरिष्ठ अधिकारी खुद स्वीकार करता है कि वह कार्रवाई करने के लिए तैयार है, बशर्ते उसके करीबी कारोबारियों को कोई नुकसान न पहुंचे।
बिचौलिया: (एक घी ब्रांड का नाम) ने हमारे डिस्ट्रीब्यूटर को धमकी दी है कि अगर उसका काम किया तो पूरी फैक्ट्री और माल सीज करवा दूंगा। अधिकारी: इसका पता मुझे दो, कब से ढूंढ रहा हूं, कल ही उसका माल सीज कर देंगे!
(फिर अधिकारी का फोन काटकर बिचौलिया पहले से दूसरे फोन पर मौजूद प्रतिनिधि से बात करता है) बिचौलिया: सुन लिया भाई, अभी आपके सामने बात हुई है न? सब दे दो और (गाली देते हुए) का पूरा माल बैन हो जाएगा।
अधिकारी: पैसे फेंकते हैं, तमाशा देखते हैं!
हर साल त्योहारों पर चलता यह खेल
राज्य में हर साल त्योहारों से ठीक पहले मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया जाता है, लेकिन इन अभियानों की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। कई बार बिना उचित जांच के कारोबारियों के प्रतिष्ठानों को सार्वजनिक रूप से बदनाम कर दिया जाता है, लेकिन जब उनके उत्पाद जांच में पास होते हैं तो इसकी आधिकारिक सूचना जारी नहीं की जाती।
ऑडियो में एक बिचौलिया परिचित घी निर्माता कंपनी के प्रतिनिधि से बात करता हुआ सुनाई देता है। इस दौरान यह साफ हो जाता है कि खाद्य सुरक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को पहले ही 5 लाख रुपए दिए जा चुके हैं।
जांच कराऊंगा
ऐसा है तो यह काफी गंभीर है। मैरे पास इस तरह की शिकायत आएगी तो मैं कमेटी बैठाकर जांच कराऊंगा।- गजेन्द्र सिंह खींवसर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री
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