मुख्यमंत्री बुधवार को बिजली व्यवस्था को लेकर समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान सीएम ने अफसरों को स्पष्ट कर दिया कि गर्मी में किसी भी सूरत में बिजली सप्लाई प्रभावित न हो। उन्होंने जयपुर, जोधपुर व अजमेर तीनों डिस्कॉम से बिजली सप्लाई और सिस्टम मैनेजमेंट से जुड़ा प्लान पूछा। ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक ओम कसेरा से बिजली प्रबंधन से जुड़ी जानकारी ली तो उन्होंने दिन में तो पर्याप्त बिजली होने का दावा किया, लेकिन शाम 6 से रात 11 बजे तक ज्यादा डिमांड रहने के कारण एक्सचेंज से बिजली खरीदने की जरूरत जताई। बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी जिला कलक्टर भी जुड़े। इस दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर सहित अधिकारी मौजूद रहे।
जोधपुर डिस्कॉम एमडी से कहा, काम क्यों नहीं हो पा रहे? सीएम ने जोधपुर डिस्कॉम के कुछ जिलों में बिजली छीजत ज्यादा दोने, सिस्टम अपग्रेडेशन में पिछड़ने, आरडीएसएस स्कीम में अपेक्षित काम नहीं होने पर प्रबंध निदेशक पर नाराजगी जताई। उन्होंने पूछा कि आखिर वहां ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है? इस पर एमडी डॉ. भंवरलाल ने लाइन लम्बी होने, अनुबंधित कंपनियों की ओर से कोताही बरतने का तर्क दिया। सीएम ने कहा कि कोई काम नहीं कर रहा तो उसे बाहर करो।
सिस्टम को अपडेट और अपग्रेड करने पर फोकस -आरडीएसएस स्कीम के तहत ग्रिड सब स्टेशन निर्माण-सुदृढ़ीकरण, विद्युत लाइन को सुधारने सहित अन्य काम समय पर पूरे करने होंगे। -राज्य विद्युत उत्पादन निगम पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल एक हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली दे।
-डिफेक्टिव मीटर बदलने में कोताही नहीं हो, क्योंकि इससे उपभोक्ता और डिस्कॉम दोनों को नुकसान है। -लंबित कृषि कनेक्शन जल्द जारी हों। -जयपुर डिस्कॉम के करौली, धौलपुर, डीग में विद्युत लॉस 30 से 35 प्रतिशत होने पर चिंता जताई।
-लंबित कृषि कनेक्शन प्राथमिकता से जारी करें। इसकी हर दिन रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजनी होगी।