युवक का नाम रविदास सिंह था, जो जबलपुर में रहकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। उसके पिता किसान हैं, जबकि दादा सेना से सेवानिवृत्त हैं। हाल ही में रवि का चयन इंडियन आर्मी में हुआ था, और उसे दो दिन बाद हैदराबाद में जॉइनिंग के लिए जाना था। लेकिन इससे पहले ही सूदखोरों के लगातार मानसिक उत्पीड़न ने उसे ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
4 लाख की वसूली से हुआ परेशान
जानकारी के अनुसार, जबलपुर में रहने के दौरान रवि ने सुजीत कुशवाहा से 22 हजार रुपए और आशुतोष नाम के युवक से 30 हजार रुपए उधार लिए थे। कर्ज देने वालों ने ब्याज जोड़कर 22 हजार के बदले 1.5 लाख और 30 हजार के बदले 1.8 लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। रवि सूदखोरों के बढ़ते दबाव से बेहद परेशान था। यह भी पढ़ें
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वीडियो बनाकर माफी मांगी, फिर निगल लिया जहर
रविवार सुबह, आत्महत्या करने से पहले रवि ने एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगी। वीडियो में रवि ने कहा- ‘मम्मी-पापा माफ कर देना, मैं सेना में जाने के बाद भी वर्दी नहीं पहन पाऊंगा और आप लोगों के साथ नहीं रह पाऊंगा।’ उसने आगे कहा कि ‘भगवान मेरे जैसा बेटा किसी भी मां-बाप को न दे।’ रविदास ने कहा कि ‘मेरा आर्मी में सिलेक्शन हो गया है, लेकिन फिर भी मैं आज मर रहा हूं। मेरी मौत के जिम्मेदार सुजीत कुशवाहा और आशुतोष है। उन दोनों मुझे व्हाट्सऐप इंस्टाग्राम में परेशान कर रखा था।’ रवि के परिजनों और दोस्तों के मुताबिक, सूदखोरों ने उसे बुरी तरह से परेशान कर रखा था। वे कभी वीडियो कॉल तो कभी फोन पर धमकी देकर पैसे मांग रहे थे। इस मानसिक दबाव के कारण वह डिप्रेशन में चला गया था। इसके बाद उसने जहरीला पदार्थ खा लिया।

