सेवई का इतिहास (Seviyan history in Hindi) करीब 600 साल पुराना है। साथ ही किसी और देश से जुड़ा है। हम इन सेवइयों से जुड़ी तमाम बातों को सेवई के इतिहास के साथ जानेंगे। साथ ही साथ ये भी जानेंगे कि ये सेवइयां भारत कैसे पहुंची (Seviyan history in india)।
सेवई से जुड़ी रोचक बातें जानेंगे (Seviyan history Facts)
- सेवई या सेवइयां का मतलब क्या होता है?
- सेवइयां का इतिहास क्या है?
- सेवई किस देश में पहले बना था?
- सेवई भारत कैसे आया?
- ईद पर सेवई क्यों खाते हैं?
1 – सेवई या सेवइयां का मतलब क्या होता है?
Vermicelli का अर्थ लैटिन भाषा में “छोटे कीड़े” होता है, क्योंकि इसकी बनावट पतली और लंबी होती है। हिंदी में सेवई या सेवइयां कहते हैं। तमिल भाषा में सेवई को “संथकई” हैं जो चावल से बनाए जाते हैं।2 – सेवइयां का इतिहास क्या है?
सेवइयां का इतिहास करीब 600 साल से अधिक पुराना है। जानकारी के मुताबिक, 13वीं शताब्दी में इटली के एक मशहूर शेफ व लेखक Martino da Como ने अपनी किताब “Libro de Arte Coquinaria” (15वीं शताब्दी) में Vermicelli का उल्लेख किया। इस हिसाब से ये माना जाता है कि सबसे पहले इटली में ही ये बना था। मध्यकालीन नेपल्स (Naples, Italy) के इलाके में 13वीं-14वीं शताब्दी में Vermicelli का उत्पादन किया जाने लगा। इसके बाद वो अरब व अन्य देश सेवई पहुंचा। ये भी पढ़िए – Eid Mubarak Wishes 2025: ईद आई तुम ना आए… इन 15 Eid Quotes से दें ईद की मुबारकबाद
3 – सेवई भारत कैसे आया?
सेवई के भारत पहुंचने के तार अरब देश से जुड़ते हैं। बताया जाता है कि अरब व्यापारियों और मुगल शासकों के माध्यम से यह 12वीं-16वीं शताब्दी के बीच भारत आया और यहां इसे सेवंइया कहा जाने लगा। इतिहास में ये भी कहा जाता है कि दक्षिण के राजा अरब देश जाते थे। भारत की पहली मस्जिद भी अरब देश की देन मानी जाती है। इस तरह से भारत में सेवइयां पहुंचा। ये भी पढ़ें- Cheraman Juma Masjid: मंदिर नुमा बनी थी भारत की पहली मस्जिद, इस हिंदू राजा ने बनवाया था ये