UP: वक्फ के नाम पर हुआ बड़ा खेल
उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड 57 हजार 792 सरकारी संपत्तियों पर अपना दावा करता है लेकिन इतनी वक्फ संपत्तियां अभी तक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद अब वक्फ बोर्ड नहीं, बल्कि संबंधित जिलाधिकारी निर्णय लेने के लिए अधिकृत होंगे। दरअसल, उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के नाम पर बड़ा खेल हुआ है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार , सार्वजनिक उपयोग की जमीनें भी वक्फ बोर्डों ने अपने यहां वक्फ के रूप में दर्ज कर ली हैं। अब इन विवादों की सुनवाई जिलाधिकारी करेंगे। सरकार वापस लेगी जमीन
संशोधित कानून लागू होते ही ये संपत्तियां एक झटके में वक्फ के दायरे से बाहर हो जाएंगी। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मौजूद शत्रु संपत्तियों को भी वक्फ के रूप में दर्ज कर लिया गया था, जिन्हें नियमानुसार सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वापस लेना अब आसान होगा। शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में 1,32,140 संपत्तियां बतौर वक्फ दर्ज हैं, लेकिन अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की रिपोर्ट में भी स्वीकार किया गया है कि इनमें से महज 2,528 संपत्तियां ही राजस्व रिकॉर्ड में वक्फ के रूप में दर्ज हैं।