Outsourcing Workers Recruitment Rules: अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक स्कूलों में अब आउटसोर्सिंग कर्मियों की भर्ती के लिए नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। अभी तक चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट थी, जो अब हाईस्कूल कर दी गई है।
इसके साथ ही, विद्यालयों में उन्हीं अभ्यर्थियों की भर्ती की जाएगी, जो उस जिले के स्थानीय निवासी होंगे। यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी ढंग से होगी और इसे ऑनलाइन माध्यम से पूरा किया जाएगा। विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा उमेश चंद्र ने आउटसोर्सिंग के जरिए चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती के लिए शासनादेश जारी किया है, जिसमें संशोधित शैक्षिक अर्हता सहित अन्य बदलाव शामिल हैं।
पहले इंटरमीडिएट पास अभ्यर्थियों की होती थी भर्ती
आपको बता दें कि 28 अक्टूबर 2022 को जारी शासनादेश के अनुसार, पहले इन पदों के लिए सिर्फ वहीं अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने इंटरमीडिएट पास किया है। इसके अलावा, यह नियम था कि प्रदेश के किसी भी जिले के अभ्यर्थी प्रदेश के किसी भी विद्यालय में आवेदन कर सकते थे। हालांकि, अब इन नियमों में बदलाव कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट 2025-26 में आउटसोर्सिंग पर रखे जाने वाले कर्मचारियों को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हर महीने न्यूनतम 16000 से 20,000 रुपये वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही, उनकी भर्ती अब सीधे एजेंसियों के माध्यम से न कर निगम के माध्यम से की जाएगी।
संविदा कर्मियों को पांच लाख रुपये तक का बीमा
सीएम योगी ने दूसरी बड़ी घोषणा में बताया कि प्रदेश में संविदा पर रखे गए होमगार्ड, पीआरडी जवान, ग्राम चौकीदार, शिक्षामित्र, अनुदेशक, आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी, एएनएम, संविदा से जुड़े एवं स्वच्छता से जुड़े सभी कार्मिकों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अन्तर्गत 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा का लाभ दिया जाएगा। कर्मियों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज दिया जाएगा। ऐसे कर्मियों का मुख्यमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा।
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