2009 में हुई थी अशोक सिंह के भाई की हत्या
अशोक सिंह ने बताया कि उनके बड़े भाई ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह की हत्या 29 अगस्त 2009 में मुख्तार अंसारी और अनूज कन्नौजिया ने मिलकर की थी। उसके पहले शरद सिंह और कृष्णपाल सिंह की भी हत्या अनुज कन्नौजिया ने की थी। इसके बाद वर्ष 2017 से वह गांव छोड़कर फरार चल रहा था। शनिवार की शाम को उसके एनकाउंटर में ढेर होने की जानकारी मिली है। उन्होंने आगे बताया कि बड़े भाई मन्ना सिंह की हत्या के बाद से लगभग 16 साल तक परिवार में कोई त्योहार नहीं मनाया गया था। जेल में मुख्तार अंसारी की मौत के बाद 16 साल बाद पहली बार हमने परिवार और दोस्तों के साथ होली मनाया। अब अनुज कन्नौजिया की मौत के बाद दीपावाली भी मनाया जाएगा। 16 साल बाद पहली बार हमारे घर में इतनी खुशी का माहौल बना है।
उन्होंने इसके लिए वर्तमान सरकार और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यवाही के लिए यूपी एसटीएफ और झारखंड पुलिस भी बधाई के पत्र हैं। हत्याकांड में 9 आरोपी शामिल थे सभी को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। अभी दो लोग शूटर अमरेश कन्नौजिया और अरविन्द यादव अजीवन कारावास की सजा के बाद जमानत पर बाहर हैं।