इसी दौरान ठाणे और पुणे जिलों में दो अलग-अलग बैंकों में मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा बैंक प्रबंधकों को धमकाने की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे मामला और गरमा गया। पुणे के लोनावला और ठाणे के अंबरनाथ में हुई इन घटनाओं में मनसे कार्यकर्ताओं ने बैंकों में जाकर ब्रांच मैनेजरों से मराठी में संवाद करने की मांग की और जब उन्होंने ऐसा नहीं किया तो विवाद बढ़ गया। इस दौरान मनसे कार्यकर्ताओं ने दोंनों बैंक मैनेजरों से बदसलूकी की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर उन्हें धमकाया।
पुणे जिले के लोनावला की घटना सबसे ज्यादा चर्चा में है। जहां भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा में मनसे कार्यकर्ताओं ने बैंक मैनेजर से मराठी भाषा में बातचीत करने को कहा, लेकिन जब मैनेजर ने असमर्थता जताई तो मनसे कार्यकर्ता भड़क गए। इस दौरान जब बैंक के एक मराठी भाषी कर्मचारी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो गुस्साए कार्यकर्ताओं ने उसे थप्पड़ मार दिया और जबरन मैनेजर के केबिन से बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद बैंक प्रशासन ने पुलिस से शिकायत दर्ज करवाई।
लोनावला थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुहास जगताप ने बताया कि बैंक के कर्मचारी को थप्पड़ मारने के आरोप में मनसे के एक कार्यकर्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बैंक ने भी शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच चल रही है।
इससे पहले अंबरनाथ में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां मनसे कार्यकर्ताओं ने एक राष्ट्रीयकृत बैंक के मैनेजर को ग्राहकों से मराठी में बातचीत करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। जब बैंक मैनेजर ने ऐसा करने से इनकार किया, तो नाराज कार्यकर्ताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया।
मनसे कार्यकर्ताओं का कहना है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की नई गाइडलाइंस के अनुसार, बैंकों को ग्राहकों से मराठी में संवाद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी को लेकर मनसे के अंबरनाथ शहराध्यक्ष कुणाल भोईर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) की अंबरनाथ शाखा पहुंचे, तो वहां के ब्रांच मैनेजर शर्मा ने कहा कि उन्हें मराठी नहीं आती। इस पर मनसे कार्यकर्ताओं ने उनसे कहा कि अगर मराठी नहीं आती तो वह अपने राज्य में चले जाए और वहां नौकरी करें।
इस पर बैंक मैनेजर ने कहा कि अगर उन्हें कोई शिकायत है तो पुणे हेड-ऑफिस में जाकर कहें। उन्होंने कहा, हम पब्लिक सर्वेंट हैं, हमें देश में कहीं भी काम करने का अधिकार है। किसी भी भाषा को सीखने में समय लगता है। अगर कल मुझे तमिलनाडु जाना पड़े तो मुझे तमिल सीखनी होगी। इसके लिए समय लगता है। इस जवाब से गुस्साए कार्यकर्ताओं ने बैंक मैनेजर की केबिन में हंगामा कर दिया और चेतावनी दी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सीएम ने कही थी कार्रवाई की बात
मनसे के मराठी भाषा को लेकर चल रहे आंदोलन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में मराठी भाषा के लिए आंदोलन करना गलत नहीं है। सरकार भी मानती है कि मराठी का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार होना चाहिए। लेकिन अगर कोई कानून अपने हाथ में लेता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”