दरअसल, शनिवार को मंत्री राव उदय प्रताप सिंह गाडरवाड़ा में थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत यह कदम उठाया जा रहा है। सीबीएसई से संबद्धता रखने वाले स्कूलों को अपने निर्धारित मापदंडों के अनुसार कुछ स्थानीय स्तर की किताबें शामिल करने की छूट रहेगी। इन स्कूलों को भी एनसीईआरटी की किताबों का इस्तेमाल करना जरूरी होगा।
पूरे प्रदेश में सख्ती से होगा पालन
आगे मंत्री राव उदय प्रताप ने कहा कि नई शिक्षा नीति प्रधानमंत्री की सोच मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उसमें यही है कि एनसीईआरटी की किताबें भी स्कूल में लागू की जाएं। सीबीएसई स्कूल के लिए निर्धारिच मापदंड में स्थानीय स्तर थोड़ी बहुत किताबें रख सकते हैं। बाकी उसको छोड़कर एनसीआरटी की बुक चलाना है, क्योंकि एनसीईआरटी की बुक तय सिलेबस रहता है। इसके लिए पूरे प्रदेश में इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा।