एनडीए के इन दलों का मुस्लिम जनता के बीच अच्छी पैठ
दरअसल, मोदी सरकार-3 में भाजपा के पास अकेले पूर्ण बहुमत नहीं है। सहयोगी टीडीपी, जेडीयू और लोकजनशक्ति पार्टी (आरवी) जैसे दलों की मुस्लिमों में अच्छी खासी पैठ है। वक्फ संशोधन बिल को मुस्लिम हितों के खिलाफ बता कर आंदोलन कर रहे मुस्लिम संगठन इन सहयोगी दलों से उम्मीद कर रहे हैं कि वह इस बिल को पारित नहीं होने देंगे। बिल के विरोध के साथ विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन भी इन दलों को उकसा रहा है। लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के लिए आठ घंटे का समय तय किया गया है। मंगलवार को सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी इंडिया ब्लॉक अपने-अपने दलों को एकजुट करने में लगे रहे। हालांकि यह माना जा रहा है कि सरकार को सदन में यह बिल पास कराने में दिक्कत नहीं होगी।मुसलमानों के हर हित की करेंगे रक्षा: TDP
भाजपा के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर टीडीपी ने दी है। टीडीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम कुमार जैन ने कहा कि वक्फ भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए बिल आता है तो हमारा समर्थन रहेगा। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू इस बिल को लेकर भाजपा से कई बार चर्चा कर चुके हैं। हम मुसलमानों के हितों की रक्षा करेंगे। बिल पेश होने पर ही पता चलेगा कि हमारी कितनी मांगों को इसमें शामिल किया गया है।वहीं AIMIM के प्रमुख नेता असदुद्दीन ओवैसी वक्फ संशोधन बिल को लेकर कड़ी आपत्ति जता चुके हैं। उन्होंने हाल ही में कहा कि “वक्फ बर्बाद बिल” है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का एकमात्र मकसद मुसलमानों से नफरत फैलाना और हिंदुत्व की विचारधारा लागू करना है। उन्होंने इस मुद्दे पर आपत्ति जताते हुए क्या-क्या कहा, इस बारे में वीडियो देखिए।
उम्मीद है कि सरकार हमारे सुझावों को मानेगी: JDU
जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई मुस्लिम संगठनों ने मिलकर आशंकाए जताई थी, जिन्हें हमारे सांसदों ने जेपीसी में रखा था। सांसदों के सुझावों को संशोधनों में शामिल करने की हमें उम्मीद है। नीतीश कुमार हमेशा मुस्लिम समुदाय की हितों की रक्षा करता रहे हैं।कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद वक्फ संशोधन बिल को लेकर काफी मुखर रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर आपत्ति जताते हुए क्या कहा, इस बारे में वीडियो देखिए।