गठबंधन की कवायद शुरू
पत्रिका की खबर सच साबित होती दिख रही है। पत्रिका ने पहले ही 29 फरवरी को प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया था कि तमिलनाडु में भाजपा और अन्नाद्रमुक के बीच दोबारा गठबंधन हो सकता है। अन्नाद्रमुक महासचिव और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी ने बीते मंगलवार की रात नई दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर भेंट की। पलानीस्वामी ने राज्य के सियासी समीकरणों के बारे में गृहमंत्री को जानकारी दी। सत्ताधारी डीएमके के हिंदी विरोध की राजनीति पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और अन्नाद्रमुक के बीच संभावित गठबंधन की बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है। तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक ने भाजपा के राज्य नेतृत्व के साथ खटपट के बाद 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले सितंबर 2023 में एनडीए से रिश्ता तोड़ लिया था।
लोकसभा से गठबंधन टूटने का खामियाजा भुगत चुके दोनों दल
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन टूटने का खामियाजा भाजपा और अन्नाद्रमुक दोनों भुगत चुके हैं। दोनों दल अगर मिलकर चुनाव लड़ते तो कुछ सीटें जीत सकते थे। अलग-अलग लड़ने पर दोनों दलों का खाता भी नहीं खुला था, जबकि अन्नाद्रमुक को 23 और भाजपा को 18 प्रतिशत वोट मिले थे। एक भी सीट नहीं मिलने के बावजूद दोनों दल 41.33 प्रतिशत वोट पाने में सफल रहे थे। वहीं सत्ताधारी डीएमके नेतृत्व इंडिया गठबंधन महज 5 प्रतिशत अधिक 46.97 प्रतिशत वोट हासिल कर सभी 39 सीटें जीतने में सफल रहा था। ऐसे में भाजपा और अन्नाद्रमुक को 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की जरूरत महसूस हो रही है।