scriptआपकी बात…वर्कलाइफ बैलेंस के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं? | Patrika News
ओपिनियन

आपकी बात…वर्कलाइफ बैलेंस के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं?

पाठकों ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं। प्रस्तुत हैं पाठकों के कुछ विचार…

जयपुरApr 03, 2025 / 03:38 pm

विकास माथुर

पूर्ण मनोयोग से करें अपना काम
सबसे पहले हमें अपने आप से पूछना होगा की हम क्वालिटी ऑफ लाइफ चाहते हैं या
बैटर स्टेंडर्ड ऑफ लिविंग। जॉब लगने के बाद स्वयं से पूछें किे ‘हम काम से हैं या काम हमसे’। अपने आपको पीयर प्रेशर में नहीं आने दें यानी दूसरों की चमक—दमक से दूर रहें। वर्कलाइफ बैलेंस के लिए हमें वर्किंग प्लेस पर पूरा मन लगाकर काम करना चाहिए। ऑफ़िस में यह बात साफ़ कर देनी चाहिए कि आपकी लाइफ ऑफ़िस के बाहर भी है और ये आप तभी कर सकते हैं जब आप अपने काम में निपुण हों और अपना बेस्ट दे रहे हों।
डॉ. चांदनी श्रीवास्तव, रायपुर
………………………………………………
सकारात्मक सोच व नियमित लाइफ स्टाइल रखें
वर्तमान में जीवन की सबसे बड़ी समस्या असंतुलित जीवन प्रणाली और तनावपूर्ण माहौल है। व्यावसायिक कार्य और व्यक्तिगत भूमिकाओं की परस्पर विरोधी मांगें भी वर्क लाइफ बैलेंस को प्रभावित करती हैं। इसके लिए सकारात्मक सोच और नियमित जीवन प्रणाली को अपना कर हम अपना जीवन सुव्यवस्थित कर सकते हैं।
-सुनील मंडा‌ड़ , मेड़ता सिटी
…………………………………………………
​वर्किंग प्लेस पर काम हो रुचिकर
परिवार की जिम्मेदारियों के साथ स्वयं को भी स्वस्थ रखना होता है। तभी कार्य के प्रति ईमानदार रहा जा सकता है। ऑफिस या ​वर्किंग प्लेस पर काम के रूचिकर होने से भी थकान अनुभव नहीं होती। हमें पर्याप्त नींद, आराम व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना होगा। हमें अपने को अपनी रुचि, पसंद व हाबी के साथ भी जुड़े रहना है तभी जीवन में संतुलन बना रहेगा। इससे हमारा जीवन अधिक ऊर्जावान व उत्पादक बना रहेगा।
— गजानन पांडेय, हैदराबाद
………………………………………………….
विभिन्न कार्यों में प्राथमिकता देना सीखें
अपने कार्यों को प्राथमिकता देना सीखें तथा उनका एक निश्चित समय निर्धारण करें जिससे समय पर कार्यों का निष्पादन किया जा सकेगा। किसी भी कार्य को अनावश्यक रूप से पेंडिंग नहीं रखे अन्यथा वो वर्क लोड को बढ़ा देगा। अपने आप को नई तकनीकी और सॉफ्टवेयर से अपडेट रखें। अपना स्वास्थ्य अच्छा बनाए रखें । अपने आपको तरोताजा व ऊर्जावान बनाएं।
— गजेंद्र चौहान, जिला डीग
………………………………………………
तनाव से बचें और समय प्रबंधन अपनाएं
समय का सदुपयोग करें और समय प्रबंधन अपनाएं। सोने, जागने और भोजन का समय निर्धारित करें। सबसे पहले जरूरी काम निपटाएं, फिर प्राथमिकता से अन्य कार्यों को निष्पादित करें। व्यावसायिक कार्य और व्यक्तिगत भूमिकाओं की परस्पर विरोधी मांगें तनाव का कारण बनती हैं। योगा और प्राणायाम का दैनिक जीवन में समावेश करें। मोबाइल का अनावश्यक प्रयोग न करें और भरपूर नींद लें।
— डाॅ. मुकेश भटनागर, भिलाई, छत्तीसगढ
………………………………………………
नकारात्मक विचारों को अपने पर हावी न होने दें
काम और निजी जीवन में संतुलन बनाए रखें । समय का सही उपयोग करें। काम के दौरान ब्रेक लें और अपने परिवार के शौक के लिए समय निकालें। साथ ही साथ नियमित व्यायाम करें ।पर्याप्त नींद लें और स्वस्थ भोजन प्रणाली अपनाएं। दिमाग में अच्छे व सकारात्मक विचार रखें। नकारात्मक विचारों और कुसंगति से दूर रहने का प्रयास करें। जीवन में ना कहना भी सीखें।
— राम नरेश गुप्ता, विवेक विहार, सोडाला, जयपुर
………………………………………..
समय प्रबंधन व परिवार का साथ जरूरी
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में वर्क लाइफ बैलेंस बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया हैं। सबसे पहले अपनी प्राथमिकताएं तय करें उसी के अनुसार समय प्रबंधन करें। ऑफिस के कार्यों को ऑफिस तक ही सीमित रखें। अपने परिवार व अभिरुचियों के लिए समय निकालें। परिवार के साथ मोबाईल फोन का उपयोग सीमित करें।
रणवीर बारूपाल, सूरतगढ़ (राजस्थान)
…………………………………………..
दैनिक कार्यों पर ब्रेक देकर परिवार के साथ छुट्टियां मनाएं
कहते हैं कि पहला सुख नीरोगी काया, दूसरा सुख धन और माया। अधिकांश लोग धनार्जन को ही प्राथमिकता देते हैं जबकि यह दूसरा सुख है। पहले सुख के लिए उत्तम दैहिक व मानसिक स्वास्थ्य का होना आवश्यक है। तभी दूसरा सुख मिल सकता है। इसके लिए प्राथमिकताएं तय करना जरूरी है। समय-समय पर दैनिक कार्यों को ब्रेक देकर परिवार के साथ बाहर छुट्टियां मनाने का प्रोग्राम बनाया जाए। शांति पाठ भी किया जा सकता है।
—हरिप्रसाद चौरसिया, देवास, (मध्यप्रदेश)
………………………………………………
लगातार काम करने के बजाय बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें
इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण समय प्रबंधन है। व्याव​सायिक और व्यक्तिगत जीवन मे संतुलन बनाएं। अपने दिन की योजना बनाएं और तय समय पर काम शुरू और खत्म करें। ज़रूरी कामों को प्राथमिकता दें। लगातार काम करने के बजाय बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें । ‘ना’ कहना सीखें ताकि अनावश्यक दबाव न बढ़े। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित व्यायाम करें, अच्छी नींद लें और हॉबीज़ के लिए समय निकालें, परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं। ऑफिस मे घर और घर मे ऑफिस न लेकर जाएं। इससे कार्यक्षमता बढ़ेगी और जीवन भी खुशहाल होगा।
— कविता बिरम्हान, जयपुर
…………………………………………

Hindi News / Opinion / आपकी बात…वर्कलाइफ बैलेंस के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं?

ट्रेंडिंग वीडियो