Pratapgarh News: दलित युवती की मौत के मामले में प्रतापगढ़ के एसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने संदिग्ध मौत के मामले में रानीगंज पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को मामले की जांच करने की निर्देश दिए थे। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठा दिया। दरअसल रानीगंज कोतवाली के दुर्गागंज बाजार में एक युवती की नर्सिंग होम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पूरे मामले की साजिश वार्ड ब्वॉय शाहबाज ने रची थी। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश करते हुए शाहबाज के साथ डॉक्टर और अस्पताल के एक अन्य कर्मी को गिरफ्तार किया है।
शादी का झांसा देकर वार्ड ब्वॉय ने अपने प्रेम जाल में फसाया फिर किया इनकार
प्रतापगढ़ जिले में 27 मार्च को एक निजी अस्पताल में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर मृतका के परिजनों ने हत्या और दुष्कर्म का आरोप लगाया था। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि युवती अस्पताल के वार्ड ब्वॉय शाहबाज के प्रेम-प्रसंग में थी। शाहबाज ने युवती को शादी का झांसा देकर कई शारीरिक संबंध बनाए थे। लेकिन जब युवती ने शादी की बात की तो आरोपी ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।मुख्य आरोपी वार्डबॉय ने पुलिस को बता दी सच्चाई
दलित युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का पूरा मामला अस्पताल के वार्ड बॉय से जुड़ा है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी शाहबाज ने बताया कि वह पीड़िता को शादी का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाता था। जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव डाला तो उसने मना कर दिया। इससे परेशान होकर पीड़िता ने नर्सिंग होम में ड्यूटी के दौरान जहर खा लिया। अस्पताल कर्मियों के बचाने की कोशिश के बावजूद उसकी मौत हो गई।पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के आधार पर पूरे घटनाक्रम से उठाया पर्दा
आरोपियों में कौलापुर नन्दपट्टी के शहबाज, हुसैनपुर के सुनील कुमार यादव उर्फ मोनू और प्रयागराज के डॉ. अमित कुमार पाण्डेय उर्फ धीरज शामिल हैं। घटना के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा किया है। आरोपियों पर हत्या, दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह भी पढ़ें