Chaitra Navratri 2025: देवी मंदिरों में जले मनोकामना दीप, भक्तों की लगी भीड़, देखें Photo..
Chaitra Navratri 2025: रायगढ़ जिले में रविवार से शक्ति की भक्ती की आराधना शुरू हो गई है। जिससे अंचल के देवी मंदिरों में सुबह से भी भक्त पहुंचने लगे थे जो देर शाम तक भक्त कतारबद्ध नजर आए।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में रविवार से शक्ति की भक्ती की आराधना शुरू हो गई है। जिससे अंचल के देवी मंदिरों में सुबह से भी भक्त पहुंचने लगे थे जो देर शाम तक भक्त कतारबद्ध नजर आए। वहीं शाम को सभी मंदिरों में आस्था का दीप जलाया गया। उसके बाद बाजे-गाजे के साथ माता की आरती हुई, इसके बाद भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ कर अपनी मनोकामना पूरी करने माता से गुहार लगाते नजर आए।
2/5
रविवार से चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो गया है, जिससे सुबह से ही शहर सहित अंचल में भक्ती का माहौल रहा। इस दौरान भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ माता शैलपुत्री की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ किया। वहीं भक्तों का कहना था कि माता शैलपुत्री की आराधना करने से जीवन में स्थिरता आती है। साथ ही स्त्रियों के लिए उनकी पूजा करना ही श्रेष्ठ और मंगलकारी माना गया है।
3/5
जिसको लेकर नवरात्र के पहले ही दिन से लोग माता की भक्ती में जुट जाते हैं और पूरे नौ दिनों तक अलग-अग रूपों की पूजा की जाती है।जिसको लेकर शहर के प्रसिद्ध बुढी माई मंदिर, सलेश्वरी मंदिर, राजापारा स्थित दुर्गा मंदिर, अनाथालय स्थित दुर्गा मंदिर, केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड स्थित दुर्गा मंदिर सहित अंचल के सभी देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्त पहुंचने लगे थे, और भक्तों ने माता के जयकारे व पूरे जोश के साथ पूजा-पाठ किया।
4/5
साथ ही शाम होते ही फिर से भक्त पहुुंचने लगे थे, वहीं शाम को सभी मंदिरों में मनोकामना ज्योत भी जलाई गई। इस संबंध में पंडितों ने बताया कि साल में चार नवरात्र आता हैं, लेकिन दो गुप्त नवरात्र होता है, जिससे चैत नवरात्र व शारदीय नवरात्र के नौ दिनों में माता के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। जिसको लेकर लोगों में काफी उत्साह रहता है। इस दौरान शहर सहित अंचल के देवी मंदिरों में भक्तों के लिए विशेष तैयारी भी की गई है, ताकि भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पडे़।
5/5
शहर के प्रसिद्ध बुढ़ी माई मंदिर प्रांगण में हर साल की तरह इस बार भी नवरात्र के नौ दिनों तक महाभंडारे का आयोजन किया गया है। इससे मंदिर आने वाले भक्त पूजा-पाठ के बाद महांभंडारे आनंत ले रहे हैं, साथ ही उनके लिए पानी की भी व्यवस्था की गई है, इससे इस भीषण गर्मी में काफी राहत मिल रही है।