CG Cabinet Minister: एक साल में हो जाता था विस्तार
बता दें कि पिछली कांग्रेस और भाजपा सरकार में एक साल में मंत्रिमंडल विस्तार हो जाता था और निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी, लेकिन साय सरकार में अभी तक नहीं हुई है। भाजपा संगठन और साय सरकार के मंत्री पहले निकाय चुनाव और बजट सत्र निपटने के बाद मंत्रिमंडल में विस्तार और निगम-मंडलों में नियुक्ति की बात कहते रहे हैं, लेकिन भाजपा संगठन ने अभी तक निगम मंडलों में नियुक्ति नहीं की है। वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार यानी दो नए मंत्री बनाने की चर्चा भी अब ठंडे बस्ते में चली है। बताया जाता है कि मंत्रिमंडल में विस्तार और निगम मंडलों में नियुक्ति में देरी होने पर दावेदारों और उनके समर्थक कार्यकर्ताओं की नाराजगी अब भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों तक को झेलनी पड़ रही है। क्योंकि सभी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि निकाय और पंचायत चुनाव के बाद निगम-मंडलों में नियुक्ति हो जाएगी।
मंत्री बनने के सपना संजोए विधायकों का भी सब्र का बांध टूटने लगा है। अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से अब कहते नजर आते हैं कि जब बनाना होगा तो बनाएंगे। वैसे भी सवा साल तो ऐसे ही निकल गए। विभाग में काम करने के लिए बचेंगे कितने साल, क्योंकि आखिरी के एक साल तो चुनाव की तैयारी में ही निकाल जाएगी।
बड़े नेता अब पल्ला झाड़ रहे
बताया जाता है कि भाजपा संगठन के बड़े नेताओं से पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा निगम-मंडलों में नियुक्ति की बात पूछने पर पल्ला झाड़ने लगे हैं कि पता नहीं कब होगी। कभी दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व तो कभी मुख्यमंत्री का मामला है कहकर बात को पलट देते हैं।
अब 30 के बाद की हो रही चर्चा
भाजपा में चर्चा है कि साय सरकार में मंत्रिमंडल में विस्तार और निगम- मंडलों में नियुक्ति की चर्चा 30 मार्च के बाद की हो रही है। क्योंकि 30 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिलासपुर दौरे पर आ रहे हैं। इसकी तैयारी में पूरा भाजपा संगठन और साय सरकार के मंत्री और प्रशासनिक अफसर लगे हुए हैं। ऐसे में भाजपा संगठन और साय सरकार 30 के पहले निगम-मंडलों में नियुक्ति नहीं करेगा। वहीं साय सरकार भी दो नए मंत्री नहीं बनाएंगे, जो भी होगा 30 मार्च के बाद ही होगा।