सभा में विपक्षी पार्षदों ने शुद्ध पेयजल के लिए सदन में जमकर हंगामा किया। इस दौरान भाजपा के पार्षदों ने महापौर पर गैलन उठाकर पानी उढ़ेल दिया और एमआईसी को पानी से भरा हुआ एक गैलन उपहार स्वरूप दिया। सदन के दौरान कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार तीखी बहस हुई, जिसकी वजह से माहौल काफी गरम रहा और महापौर ने हंगामे के बीच ही निगम का वार्षिक बजट सदन में पेश किया।
CG Politics: नगर उत्थान योजना में 30 करोड़ का प्रावधान
वार्षिक बजट करीबन 149 करोड़ पेश हुआ। महापौर नंदलाल देवांगन ने बजट अभिभाषण में क्षेत्र के विकास कार्यों को महत्व देते हुए करोड़ों की राशि स्वीकृत की गई है। खासतौर पर बिरगांव क्षेत्र में पानी की समस्या को देखते हुए जल आवर्धन योजना के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के लिए 20 करोड़ रुपए, सिटी डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत नगर उत्थान योजना में 30 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। वहीं, निगम क्षेत्र के 6 गांव में मांस मछली के लिए अलग से बाजार का निर्माण करने का भी प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया है। इसके लिए जल्द ही निगम प्रशासन भूमि चिन्हांकित का कार्य प्रारंभ करने की बात कही गई है।
तालाबों के कायाकल्प के लिए भी बजट
निगम क्षेत्र के तालाबों के कायाकल्प करने महापौर ने करोड़ों की राशि को बजट में शामिल किया। इस दौरान महापौर ने बिरगांव स्थित मोती सागर तालाब के हो रहे कायाकल्प के संबंध में भी जानकारी दी। महापौर ने कहा कि बिरगांव के बुधवारी बाजार स्थित मोती तालाब का सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। इसी तर्ज पर बिरगांव नगर निगम क्षेत्र के सभी तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
पानी की समस्या को लेकर घेरा
सामान्य सभा में विपक्ष ने निगम क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर महापौर को घेरा और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ओम प्रकाश साहू के नेतृत्व में भाजपा के पार्षदों ने पानी से भरा हुआ एक गैलन महापौर नंदलाल देवांगन और एमआईसी सदस्य इकराम अहमद को दिया और क्षेत्र में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान एमआईसी सदस्य इकराम अहमद ने गंदा पानी भाजपा के पूर्व महापौर अंबिका यदु की देने का आरोप लगाया। इसको लेकर
भाजपा के पार्षदों ने जमकर हंगामा किया और सदन में सांसद प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित पूर्व महापौर से माफी मांगने की मांग की। जिसपर एमआईसी सदस्य ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। इसके चलते करीबन एक घंटे तक सदन में भाजपा के पार्षद ने प्रदर्शन करते हुए जमकर हंगामा किया।