जानकारी के अनुसार सैकड़ाखेड़ी जोड़ स्थित शहीद स्मारक पार्क का निर्माण कार्य के लिए 31 जुलाई 2023 को स्वीकृति मिली थी। सरकार ने शहीद स्मारक पार्क के लिए 5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे, जिसमें से अभी 3.99 करोड़ रुपए का निर्माण कार्य राजलक्ष्मी कंस्ट्रक्शन कंपनी गुना द्वारा किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी ने 5 अक्टूबर 2023 को निर्माण कार्य शुरु किया, जिसे 31 मार्च 2025 को कार्य पूर्ण होना है, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य की रफ्तार धीमी बताई जा रही है। जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव पंकज शर्मा ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए है। पंकज शर्मा ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य घटिया क्वालिटी का किया जा रहा है, निर्माण कार्य थीमी गति से किया जा रहा है।
1000 दर्शक साथ देख सकेंगे लाइव
सीहोर के सैकड़ाखेड़ी स्थित ऐतिहासिक समाधि स्थल पर बीते करीब डेढ़ साल से निर्माण कार्य चल रहा है, यहां पर अत्याधुनिक एम थिएटर बनाया जा रहा है। इसमें 1,000 दर्शक एक साथ बैठकर लाइव कार्यक्रम देख सकेंगे। यहां पर शहीद स्मारक बनाया गया है। एम थिएटर का कार्य अंतिम चरण में है। पार्क को आकर्षक ढंग से विकसित किया जा रहा है। यहां पर शहीदों की स्मृति में 100 फीट ऊंचा तिरंगा भी फहराया जाएगा। शहीद स्थल को एक प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। समाधि स्थल पर शहीद स्मारक, सुरक्षा दीवार, पेवर ब्लॉक, मंच, सड़क और सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है, लेकिन गति धीमी है। पार्क में अत्याधुनिक लाइटिंग, बच्चों के लिए झूले और स्लाइड भी लगाए जा रहे हैं।
इसलिए खास शहीद स्थल
सीहोर में 14 जनवरी 1858 को जनरल ह्यूरोज के आदेश पर एक साथ 356 क्रांतिकारियों को जेल निकालकर सीवन नदी के किनारे सैकड़ाखेड़ी चांदमारी मैदान में गोलियों से भून दिया गया था। बताते हैं कि जनरल ह्यूरोज ने इन क्रांतिकारियों के गोली लगे शव पेड़ों पर लटकवाए थे, जिन्हें दो दिन बाद उतारकर इसी मैदान में दफनाया था। इन शहीदों की याद में हर साल मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी को शहीद समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि दी जाती है। शहीद सिपाही बहादुर स्मारक निर्माण समिति हर साल यहां कार्यक्रम करती है। बताया जा रहा है कि आगे जैसे ही शहीद स्थल का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा, यहां निरंतर कार्यक्रम होने लगेंगे।