बता दें कि अजीतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सांवलपुरा तवरान की ढाणी लोहिया निवासी एवं उत्तराखंड में आईटीबीपी में कमांडो के पद पर कार्यरत रतन लाल गुर्जर (35) जाजरदेवल पिथौरागढ़ उत्तराखंड में बर्फीली पहाड़ियों में पेट्रोलिंग के दौरान ऑक्सीजन लेवल कम होने से शहीद हो गए थे।
जवान की देर रात पार्थिव देह अजीतगढ़ पुलिस थाने पहुंचने के बाद आज 22 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसके बाद गांव के पास खेत में ही बड़े भाई के शहीद स्मारक के पास जवान का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
22KM लंबी तिरंगा यात्रा निकाली
शहीद की शहादत के बाद 22 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। तिरंगा यात्रा अजीतगढ़ थाने से सुबह 9 बजे शुरू हुई, जो दोपहर 12 बजे उनके पैतृक गांव पहुंची। तिरंगा यात्रा हाथीदेह मोड़, मंडुस्या, हरिपुरा मोड़, हरदास का बास, बुर्जा, हाथीदेह, सांवलपुरा तंवरान होते हुए लोहा की ढाणी पहुंची। इस दौरान जवान की अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड़ पड़ा। हर कोई रतन लाल जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारे लगाते रहे। इस दौरान हर किसी की आंखें नम थी।
गांव में मातम पसरा
लोहा की ढाणी में उनके घर में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव देह को रखी गई। इस दौरान पत्नी और मां बेसुध हो गई। वहीं, परिवार के अन्य लोगों को भी रो-रोकर बुरा हाल था। जवान की शहादत से पूरे गांव में मातम पसरा रहा। गांव में चूल्हे तक नहीं चले। अंतिम दर्शन के बाद खेत पर ही जवान अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
पेट्रोलिंग के दौरान हो गए थे शहीद
सरपंच मामराज गुर्जर ने बताया कि रतनलाल गुर्जर जाजरलेवल पिथौरागढ़ उत्तराखंड में 14 बीएन बटालियन में आइटीबीपी मे कमांडो पद पर कार्यरत थे। 2 अप्रेल को गुर्जर बर्फीली पहाड़ियों में पेट्रोलिंग के दौरान ऑक्सीजन लेवल कम होने से उनको ऑक्सीजन की कमी महसूस हुई एवं तबीयत बिगड़ गई, साथी जवान हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। एक महीने पहले ही गांव से गया था रतनलाल
रतनलाल एक महीने पहले ही अपने गांव आकर गए हैं। रतनलाल के बड़े भाई रामपाल 3 मई 2021 को जम्मू कश्मीर में शहीद हो गए थे। रतनलाल के पिता बीरबल गुर्जर एवं माता का आची देवी है। पत्नी बलेश देवी, बेटा यश (6) व पुत्री तंबू (10) व काजू डेढ़ साल है।