रोने लगी महिला किसान
फसल उजड़ने की सूचना मिलते ही मूसेपाल, उनकी पत्नी बिछिया देवी और बेटा अनिल पाल खेत पर पहुंचे। बिछिया देवी फसल की तबाही देखकर खेत की मेड़ पर बैठकर फूट-फूट कर रोने लगीं। उन्होंने कहा, “टमाटर की कच्ची फसल थी, लाखों का नुकसान हो गया। बिना किसी पूर्व सूचना के खेत पर जेसीबी चला दी गई। हम बर्बाद हो गए।”
लेखपाल ने क्या कहा ?
इस संबंध में राजातालाब तहसील के लेखपाल आशुतोष कुमार ने बताया कि किसान को मुआवजा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम नुकसान का आकलन कर मुआवजे की फाइल तैयार कर रहे हैं। किसान का हुआ नुकसान
हालांकि, किसान अनिल पाल का कहना है कि सरकार केवल एक बार का मुआवजा दे रही है, जबकि टमाटर की फसल तीन महीने तक फल देती है। उन्होंने कहा, “फसल से हम हर महीने आमदनी करते। हमारा करीब 1.80 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। एक बार का मुआवजा इस नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता।” पीड़ित परिवार अब न्याय और उचित मुआवजे की उम्मीद कर रहा है, ताकि उनकी मेहनत की भरपाई हो सके।