सूत्रों के अनुसार, साहिर ने ड्रग्स के कारोबार में शामिल होने की बात कबूल की और कई प्रमुख व्यक्तियों, जिनमें व्यवसायी और राजनेता शामिल हैं, के नाम भी बताए, जो इस व्यापार से जुड़े हैं। उन्होंने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह अपने पिता के मैनेजर के बैंक खाते के जरिए ड्रग्स के भुगतान ऑनलाइन ट्रांसफर करते थे। साहिर ने खुलासा किया कि वह पांच साल से मॉडलिंग कर रहे हैं और 13 साल से गांजे के आदी हैं।
स्नैपचैट के जरिए करते थे संचालित
पुलिस जांच रिपोर्ट के हवाले से सूत्रों ने बताया कि साहिर हसन ने कबूल किया कि वह दो साल से गांजा बेच रहे थे और पूरा ड्रग्स कारोबार स्नैपचैट के जरिए संचालित करते थे। वह बाजिल और याह्या नाम के लोगों से नशीले पदार्थों की आपूर्ति लेते थे और कूरियर कंपनियों के जरिए लाखों रुपये मूल्य की ड्रग्स की तस्करी करते थे। साहिर ने बताया कि वह हर हफ्ते 4 से 5 लाख पाकिस्तानी रुपये का भुगतान करते थे और महीने में दो बार एक किलोग्राम से अधिक गांजा खरीदते थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह एक ग्राम गांजा 10,000 रुपये में बेचते थे और वजन नापने के लिए डिजिटल स्केल का इस्तेमाल करते थे। गाड़ी में लगाई आग
पुलिस ने गुरुवार को दावा किया कि इस मामले में एक अन्य संदिग्ध, अरमाघन ने पूछताछ के दौरान मुस्तफा आमिर की हत्या की बात कबूल की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अरमाघन का बयान वीडियो पर रिकॉर्ड किया गया है। अपने स्वीकारोक्ति बयान में अरमाघन ने खुलासा किया कि उसने कार को खयाबान-ए-मोहाफिज से दरेजी तक चलाया था। बाद में उसने गाड़ी को आग लगा दी, जबकि मुस्तफा अभी जिंदा और अर्ध-चेतन अवस्था में था। संदिग्ध ने मृतक पर हमला करने की बात स्वीकार की और कहा कि उसने राइफल से तीन चेतावनी शॉट्स चलाए, जो उसे नहीं लगे।
सोमवार को एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने साहिर हसन को ड्रग्स मामले में एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, जैसा कि एआरवाई न्यूज ने रिपोर्ट किया। इस मामले में जांच जारी है, और पुलिस ड्रग्स नेटवर्क और हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।