scriptYoon Suk Yeol को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पद से हटाया, अदालत ने महाभियोग की दी मंज़ूरी , क्या थे आरोप ? | South Korea's Constitutional Court Upholds Impeachment of President Yoon Suk Yeol | Patrika News
विदेश

Yoon Suk Yeol को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पद से हटाया, अदालत ने महाभियोग की दी मंज़ूरी , क्या थे आरोप ?

Yoon Suk Yeol : दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ लगाने पर राष्ट्रपति यून सुक योल को पद से हटाया गया है। सत्तारूढ़ पीपल पावर पार्टी ने न्यायालय का फैसला स्वीकार किया है।

भारतApr 04, 2025 / 12:21 pm

M I Zahir

South korean President Yoon Suk Yeol

South korean President Yoon Suk Yeol

Yoon Suk Yeol: दक्षिण कोरिया के संवैधानिक न्यायालय (Constitutional Court) ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से राष्ट्रपति यून सुक-योल (Yoon Suk Yeol) पर महाभियोग (impeachment) लगाने के लिए मंजूरी दे दी, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया है। यह फैसला उनकी ओर से दिसंबर में मार्शल लॉ (martial law) लगाने की घोषणा और सेना संसद में तैनात करने के कारण लिया गया। इसके बाद, दक्षिण कोरिया (South Korea) को 60 दिनों में राष्ट्रपति चुनाव कराने होंगे, जो संभवतः 3 जून को हो सकते हैं।

यून ने 3 दिसंबर को मार्शल लॉ की घोषणा की

यून पर आरोप थे कि उन्होंने संविधान और कानूनों का उल्लंघन करते हुए 3 दिसंबर को मार्शल लॉ की घोषणा की, संसद को अपने आदेश को पलटने से रोकने के लिए सैनिकों को तैनात किया और विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। अदालत ने इन आरोपों को सही पाया और कहा कि राष्ट्रपति के कदम ने संविधान की रक्षा खतरे में डाल दी थी। महाभियोग के बाद, देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसे जनता की जीत के रूप में स्वीकार किया। सत्तारूढ़ पीपल पावर पार्टी ने हालांकि अदालत के फैसले को विनम्रता से स्वीकार किया। इस निर्णय ने दक्षिण कोरिया की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है और अब नया राष्ट्रपति चुनने के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।

आदेश को पलटने से रोकने के लिए सैनिकों को भेजा

मून ने कहा, “संवैधानिक व्यवस्था पर प्रतिवादी के कानून के उल्लंघनों के नकारात्मक प्रभाव और परिणाम गंभीर हैं, जिससे संविधान की रक्षा के लिए प्रतिवादी को पद से हटाने के लाभ राष्ट्रीय नुकसान से कहीं अधिक हैं।” न्यायालय ने यून के खिलाफ लगभग सभी आरोपों को मान्यता दी, जिसमें यह भी शामिल था कि उन्होंने मार्शल लॉ घोषित करने के लिए कानूनी आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया और असेंबली को इस आदेश को पलटने से रोकने के लिए सैनिकों को भेजा।

बाहरी लोगों के लिए प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित

इससे पहले, नेशनल असेंबली सचिवालय ने गुरुवार से रविवार तक बाहरी लोगों के लिए प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था। इस अवधि के दौरान सांसदों द्वारा आयोजित सभी निर्धारित सेमिनार और कार्यक्रम रद्द कर दिए गए थे। नेशनल असेंबली स्पीकर के कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया, “हमने बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है और किसी भी संभावित स्थिति के खिलाफ एहतियातन अपनी पुलिस का माकूल बंदोबस्त किया है।”

यून सुक योल : एक नजर

यून सुक योल का कोरिया में 18 दिसंबर 1960 को जन्म हुआ और वे एक दक्षिण कोरियाई राजनेता और वकील हैं। योल पूर्व सरकारी वकील हैं, जो 10 मई 2022 से दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पद पर कार्यरत हैं। वे यून पॉवर ऑफ द पीपल पार्टी के सदस्य हैं और अपनी नेतृत्व क्षमता और दृढ़ता के लिए जाने जाते हैं। अपने तानाशाही भरे फैसलों के कारण विवादों में आ गए
और सर्वोच्च पद हाथ से चला गया।

Hindi News / World / Yoon Suk Yeol को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पद से हटाया, अदालत ने महाभियोग की दी मंज़ूरी , क्या थे आरोप ?

ट्रेंडिंग वीडियो