उन्होंने कहा कि राज्य की युवा निधि योजना के तहत-जो स्नातक और डिप्लोमा धारकों को नौकरी मिलने तक बेरोजगारी भत्ता प्रदान करती है- 2.80 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 1.80 लाख वर्तमान में लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इन उम्मीदवारों को संभावित नियोक्ताओं से जोडऩे और जॉब प्लेसमेंट की सुविधा के लिए ‘स्किल कनेक्ट’ पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है।
16 अप्रेल को कलबुर्गी में प्रमुख जॉब फेयरडॉ. पाटिल ने घोषणा की कि 16 अप्रेल को कलबुर्गी में एक प्रमुख जॉब फेयर आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद हुब्बल्ली, बेलगावी और मैसूरु मंडलों में भी इसी तरह के मेले आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कौशल अंतर बेरोजगारी से भी अधिक गंभीर मुद्दा है। कौशल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. आई.वी. रमना रेड्डी ने टिप्पणी की कि सैद्धांतिक शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के कारण लगभग 85 प्रतिशत स्नातकों में रोजगार योग्य कौशल की कमी है। उन्होंने कहा ये जॉब फेयर उद्योग-प्रासंगिक कौशल-आधारित शिक्षा की ओर ध्यान केंद्रित करने में मदद कर रहे हैं।
एफकेसीसीआई के अध्यक्ष एम.जी. बालाकृष्ण ने कहा कि एफकेसीसीआई जॉब फेस्टिवल का प्राथमिक लक्ष्य प्रतिभा और उद्योग के बीच की खाई को पाटना है, जिससे सार्थक रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के लिए एक मंच उपलब्ध कराया जा सके। एफकेसीसीआई की कौशल विकास समिति के अध्यक्ष अभिषेक बी.ए. ने कहा कि छह क्षेत्रों की 120 से अधिक कंपनियों ने जॉब फेस्टिवल में भाग लिया। उन्होंने कहा, “9,000 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया और 5,000 नौकरी चाहने वाले इसमें शामिल हुए। हम उन्हें बैंकिंग और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अवसरों से जोडऩे के लिए काम कर रहे हैं।”इस कार्यक्रम में कर्नाटक स्टेट डेंटल काउंसिल के एमडी नागराज एन.एम., एफकेसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमा रेड्डी, उपाध्यक्ष टी. साईराम प्रसाद, पूर्व अध्यक्ष रमेशचंद्र लाहोटी, पूर्व अध्यक्ष और कौशल विकास सलाहकार के. रवि और डवलप के संस्थापक और सीआईओ तेजस एन. गौड़ा भी मौजूद थे। मेले में 150 से अधिक संस्थानों के छात्रों ने हिस्सा लिया।