इतना माल आया शुक्रवार को मंडी में एक लाख कट्टे गेहूं, 40 हजार कट्टे सरसो, 10 हजार कट्टे चने, 10 हजार कट्टे सोयाबीन, 5 हजार बोरी धनिया, समेत अन्य जिन्सो की करीब पोने दो लाख कट्टों की आवक हुई है। दसके चलते मंडी में माल डम्प हो गया है। उठाव की गति धीमी होने से यह हालात बने हंै।
एकान्तरे नीलामी होगी मंडी में गेहूं तथा सरसों की अधिक आवक होने के कारण सीजन में ढेरियां लगाने तथा माल के उठाव को लेकर परेशानी बन जाती है। मंडी सचिव हरिमोहन बैरवा ने बताया कि मंडी में अधिक आवक होने तथा उठाव नही होने के कारण 22 मार्च को गेहूं की नीलामी बंद रहेगी। इसके अलावा अन्य जिन्सों की ही नीलामी होगी। वहीं इस समस्या को ध्यान में रखते हुए सोमवार से लगातार एकान्तरे नीलामी की व्यवस्था रहेगी। इसमें सोमवार, बुधवार तथा शुक्रवार को गेहूं की नीलामी होगी। वहीं मंगलवार, गुरुवार तथा शनिवार को गेहूं के अलावा अन्य जिन्सों की नीलामी होगी।
देर रात तक कतारें कृषि उपज मंडी में जिन्सो से भरे ट्रैक्टर टॉलियों को मंडी में प्रवेश के लिए देर रात तक इंतजार करना पड़ा। मंडी के पिछले गेट पर तीन की कतारों में मेलखेड़ी तिराहे से पीजी कॉलेज तक दो बजे तक कतारें लगी रही। प्रवेश रात्रि को दस बजे से सुबह दस बजे तक का ही निर्धा ंरित किया हुआ है। कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को पांच नम्बर आरसीसी प्लेटफार्म से उठाव हो रहा था। हालांकि धीमे उठाव के चलते आधा ही खाली हो पाएगा। वही शेड दो तीन चार पांच तथा छह भी फुल हंै। लेकिन शनिवार को गेहूं की नीलामी नहीं होने के कारण थोड़ी राहत रह सकती है।
मजदूरों का टोटा कृषि उपज मंडी में पीक सीजन में करीब तीन हजार पल्लेदार काम करते हैं। लेकिन सीजन की शुरुआत में वर्तमान में आधे भी मजदूर नहीं है। ऐसे में माल के उठाव की गति धीमी बनी हुई है। मंडी व्यापारी विमल बंसल ने बताया कि बिहार क्षेत्र से अभी हम्माल पूरे नही आए हैं। 25-26 मार्च तक करीब एक हजार हम्माल मंडी में पहुंच जाएंगे। इससे काम को गति मिल जाएगी।
जबर्दस्त माल से जाम कृषि उपज मंडी में गुरुवार तक करीब एक लाख कट्टे से अधिक माल डम्प पड़ा हुआ था। शुक्रवार को भी करीब पौने दो लाख कट्टे माल आ जाने से मंडी पूरी तरह जाम हो गई है। माल के उठाव के लिए भी रास्ता नहीं मिल पा रहा है। क वर्ग व्यापार संघ के अध्यक्ष मनीष लश्करी ने बताया कि एकान्तरे नीलामी व्यवस्था से अब हालात नहीं बिगड़ेगे।