27 अप्रैल को इंदौर में मेगा कॉन्क्लेव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी सेक्टर की पहली भव्य कॉन्क्लेव आयोजित की जाएगी। यह कॉन्क्लेव प्रदेश के आईटी क्षेत्र को नई दिशा देने का कार्य करेगा, जिसमें देश-विदेश की 200 से अधिक कंपनियां भाग लेंगी। राज्य सरकार इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश के आईटी सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने और निवेशकों को आकर्षित करने का लक्ष्य रख रही है।
इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का नया दौर
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) और रिज़नल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव (RIC) की सफलता के बाद अब प्रदेश में जिला स्तर पर सेक्टर आधारित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की जा रही है। आईटी सेक्टर की इस पहली कॉन्क्लेव के बाद अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल
मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। प्रदेश में वृहद औद्योगिक इकाइयों को 3100 करोड़ रुपये और एमएसएमई इकाइयों को 2162 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अब कोई भुगतान लंबित नहीं रहेगा, जिससे औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध संचालन में सहायता मिलेगी। महिलाओं के लिए औद्योगिक हब में विशेष सुविधा
औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की विशेष सहायता से 5120 महिलाओं के लिए हास्टल बनाए जाएंगे। ये हास्टल पीथमपुर, मंडीदीप, मालनपुर, विक्रम उद्योगपुरी, झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में स्थापित किए जाएंगे। यह पहल औद्योगिक क्षेत्र में महिला श्रमिकों की भागीदारी को और मजबूत करेगी।
औद्योगिक क्रांति के लिए वैश्विक सहयोग
प्रदेश सरकार उद्योग-व्यापार को नई दिशा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय बिजनेस कंसल्टेंट और क्षेत्रीय विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। उद्योगों के विकास के इस क्रम में विभिन्न संभागों में उद्योगों के लोकार्पण और भूमि-पूजन की शुरुआत की गई है। यह यात्रा चंबल के भिंड से शुरू हुई और अब उज्जैन में 27 इकाइयों के भूमि-पूजन के साथ आगे बढ़ रही है।