दरअसल, जारी किए गए आदेश में शर्त रखी गई थी कि तय समय के भीतर कार्यभार ग्रहण करना होगा। ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी डॉक्टरों की ओर से ज्वाइन नहीं किया गया तो नियुक्ति रद्द कर दी गई। इन सभी की पोस्टिंग मंदसौर, नीमच, सतना, सिवनी, सिंगरौली और श्योपुर मेडिकल कॉलेज में होनी थी।
बता दें कि, इस पूरे मामले पर मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि उसकी सेवा शर्तें खराब हैं। डॉक्टरों को सर्विस प्रोटेक्शन नहीं दी जाती। इसके अलावा पे प्रोटेक्शन में भी कई विसंगतियां हैं। स्वशासी मेडिकल कॉलेज में की गई सेवा पेंशन, ग्रेच्युटी और प्रमोशन के लिए मान्य नहीं मानी जाती हैं। जिस वजह से उन 38 टीचरों ने ज्वाइनिंग नहीं की होगी।