ऐसे होते हैं स्कैम
इस स्कैम में ठग एक अनजान नंबर से पीड़ित को कॉल करता है और किसी परिचित का नाम लेकर बात शुरू करता है। इसके बाद वह कहता है कि वह पहले से ही आपके किसी दोस्त या रिश्तेदार से बात कर रहा है और आपसे कॉल मर्ज करने को कहा जाता है। जैसे ही आप कॉल मर्ज करते हैं, आपका फोन सीधे बैंक की ओटीपी वेरिफिकेशन कॉल से जुड़ जाता है। इस प्रक्रिया में ठग को आपके बैंक ट्रांजेक्शन के लिए ओटीपी मिल जाता है, जिससे वो अकाउंट से पैसा निकाल लेते हैं।स्कैम से बचने के लिए ये बरतें सावधानी
0-अनजान नंबर से आए कॉल को मर्ज न करें0-अंजान नंबर की कॉल की पहचान स्पष्ट न तो तो उसे अनदेखा करें।
0-ओटीपी साझा न करें। चाहे वह परिचित ही क्यों न बताए।
0-अगर कोई संदिग्ध कॉल आए, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
0-बैंकिंग से जुड़ी कॉल या मैसेज आने पर या बिना किसी लेन-देन के ओटीपी मिलने पर सीधे बैंक के आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें।