टोकन के लिए पंजीयन मंगलवार को शुरू हुए और बुधवार को लीमिट पूरी होना प्रदर्शित होने लग गया। एक ही दिन में 32 हजार टोकन का पंजीयन होना संभव नहीं है। ऐसे में पोर्टल पर टोकन के लिए पंजीयन नहीं होने पर सवाल उठ रहे है। इसकी मार उन किसानों को झेलनी पड़ रही है, जो खेतों में फसल कटाई व कढ़ाई में जुटे हुए है।
चना और सरसों का शतप्रतिशत उत्पादन सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीद की घोषणा करने के साथ ही दोनों ही जिंसों के मंडी भाव भी समर्थन मूल्य के आस-पास ही रह रहे है। परन्तु टोकन खुलने के दूसरे ही दिन पंजीयन बंद होने का फायदा अब कुछ मुनाफाखौर व्यापारी उठाने की फिराक में है। वह अनाज मंडी में खुली बोली पर किसानों से समर्थन मूल्य से काफी कम दाम पर जिंस की खरीद का प्रयास करेंगे।
40 क्विंटल प्रति किसान होगी खरीद
सरकार ने प्रति किसान अधिकतम 40 क्विंटल जिंस की समर्थन मूल्य पर खरीद की व्यवस्था कर रखी है। यह लक्ष्य पूरा होने के बाद शेष बची जिंस का सरकार समीक्षा के बाद खरीद का निर्णय करती है।
आंकड़ों से जानिए…उत्पादन, टोकन और खरीद
जिले में सरसों उत्पादन और टोकन कुल उत्पादन 25 प्रतिशत खरीद टोकन खोले 3574530 क्विंटल 893632 क्विंटल 22340 जिले में चना उत्पादन और टोकन कुल उत्पादन 25 प्रतिशत खरीद टोकन खोले 1923130 क्विंटल 480782 क्विंटल 12019 (आंकड़े कृषि विभाग के अनुसार)
यह है जिले में 28 खरीद केन्द्र
जिले में नोखा, बीकानेर 12 बीघा, बीकानेर गौण मंडी, लूणकरनसर, कोलायत, श्रीडूंगरगढ़ ए, श्रीडूंगरगढ़ बी, बज्जू, कांदरली, नखंतसिंहपुरा, 1 जीएमआर, 1 पीएसडी, 5 पीएसडी, 4 की आबादी, 2 केडब्लयूएम, गोडू, राववाला, खाजूवाला, पूगल, छतरगढ़, दंतौर, नापासर, 8 केवाईडी, 20 बीडी, 5 केवाईडी, गुल्लूवाली, आनंदगढ़, गजेवाला खरीद केन्द्र हैं।
टोकन और खोलने चाहिए
सरकार ने पहले चरण में 25 प्रतिशत उत्पादन के अनुसार 40 क्विंटल प्रति किसान के हिसाब से टोकन जारी करने के निर्देश दिए है। परन्तु सिस्टम को नियंत्रित करने वाले गड़बड़ी कर पोर्टल को कभी शुरू कर देते है तो कभी जाम कर देते है। इनकी मंशा व्यापारियों को फायदा पहुंचाने की है। संगठन समक्ष अधिकारियों तक इसकी सूचना भेज रहा है। – शंभूसिंह राठौड़, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान संघ
मंडी में बढ़ी चना-सरसों की आवक
बीकानेर अनाज मंडी में इन दिनों चना और सरसों की आवक जोर पकड़ने लगी है। इसकी एक वजह अच्छे भावों का मिलना भी माना जा रहा है। मंडी में बुधवार को काली सरसों की करीब 15 हजार थैले और पीली सरसों की करीब 5 हजार थैले आवक रही। काली सरसों 5500 से 5800 रुपए तक बोली पर बिक रही है। सरकारी समर्थन मूल्य 6950 रुपए प्रति क्विंटल है। हालांकि पीली सरसों 6500 से 8000 रुपए प्रति क्विंटल तक के भाव पर बिक रही है। इसी तरह चना की आवक रोजाना ढाई से तीन हजार थैले है। चना 5500 से 5700 रुपए प्रति क्विंटल खुली बोली पर खरीदा जा रहा हैं। चना का सरकारी समर्थन मूल्य 5650 रुपए प्रति क्विंटल है। क्वालिटी और भाव दोनों अच्छे
इस बार चना और सरसों की
क्वालिटी अच्छी है। इस वजह से किसानों को भाव भी अच्छे मिल रहे है। चना तो समर्थन मूल्य से ऊपर भी बिक रहा है। यह भाव अगले एक महीने तक रहते है तो किसान को फायदा होगा। सरकारी खरीद पर भी भार नहीं पड़ेगा।
– मोतीलाल सेठिया, संरक्षक श्रीबीकानेर कच्ची आड़त व्यापार संघ