दरअसल, 17 मार्च को आयोजित सामाजिक अध्ययन की परीक्षा के दौरान शिक्षिका रंजना शर्मा को छात्रों को प्रिंटेड नकल सामग्री बांटते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस घटना के बाद लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने उन्हें तत्काल प्रभाव से
निलंबित कर दिया है।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्र क्रमांक-311166 का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था, जिसमें कक्ष ₹मांक-5 में व्यायाता (एल.बी.) रंजना शर्मा को नकल कराते हुए पाया गया। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है।
शिक्षिका निलंबित
डीपीआई दिव्या मिश्रा ने कार्रवाई करते हुए रंजना शर्मा को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुयालय जिला शिक्षा अधिकारी,
बिलासपुर के कार्यालय में रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
36 अधिकारी-कर्मी नहीं पकड़ पाए एक नकलची
10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा समाप्त हो चुकी है। इधर, शिक्षा विभाग ने पूरे परीक्षा के दौरान एक भी नकल प्रकरण दर्ज नहीं किया है, जबकि 6 उड़नदस्तों में 36 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगी हुई थी। इसी बीच, डीपीआई दिव्या मिश्रा ने उस्लापुर स्कूल में नकल प्रकरण सामने आने के बाद शिक्षिका को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।