बीईओ प्रीति जाटव को पहले तो विद्यालय में दर्ज बच्चों के मुकाबले 30 फीसदी उपस्थिति मिली। इसके अलावा बच्चों ने एक- एक कर जो अनियमितताएं बताईं उसे सुनकर वे भडक़ गईं। बीईओ दोपहर करीब 12 बजे विद्यालय पहुंची थीं। इस दौरान भी विद्यालय के प्रभारी अनिल जोशी उपस्थित नहीं मिले। प्राइमरी के विद्यार्थियों की परीक्षा का समय भी नजदीक आ रहा है। ऐसे में इन दिनों उन्हें परीक्षा से संबंधी दिशा निर्देश विद्यालय स्तर पर मिलने की ज्यादा जरूरत है। बावजूद इसके विद्यालय प्रबंधन लापरवाह बना हुआ है।
ये भी पढ़ें: एमपी में बनेगा 1200 किमी का नर्मदा एक्सप्रेस-वे, इन 11 जिलों से गुजरेगी सड़क टाइम पर नहीं पहुंच रहे टीचर
निरीक्षण करने पहुंची बीईओ प्रीती जाटव से बच्चों के अभिभवकों ने बताया कि वे मजदूरी कर परिवार का लालन पालन कर रहे हैं। उनकी हैसियत इतनी नहीं कि वे अपने बच्चों को प्राइवेट विद्यालय में पढ़ा सकें। सरकारी विद्यालय की स्थिति ये है कि शिक्षक निर्धारित समय पर विद्यालय नहीं पहुंच रहे। देर से आते भी हैं तो जल्दी चले जाते हैं। ऐसे में बच्चों को क्या पढ़ाया जा सकता है इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
आनंद वाल्मीकि ने बताया कि उनके बेटे को विद्यालय से कभी होमवर्क नहीं दिया जाता। विद्यालय में अध्यापन की स्थिति भांपने के बाद मजबूरन ट्यूशन लगाना पड़ा है। वहीं वार्ड क्रमांक 9 निवासी चंद्रप्रकाश बताते हैं कि हमारे दो बच्चे प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत हैं। एक साल बीत जाने के बाद भी उन्हें अपने कोर्स के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी के चलते शिक्षक अपनी मनमानी कर रहे हैं।
अतिथि शिक्षक बोला प्राइमरी के बच्चों को नहीं पढ़ाएंगे
बीआरसीसी आशीष कंचन द्वारा भेजे गए सीएसी अतीक खान ने जब विद्यालय के अतिथि शिक्षक से पूछा कि बच्चों को क्यों नहीं पढ़ाया जा रहा है। इस पर अतिथि शिक्षक ने जो जवाब दिया वह चौंकाने वाला है। अतिथि शिक्षक ने बताया कि वह उच्च कोटि का शिक्षक है। प्राइमरी के बच्चों को नहीं पढ़ाएगा। उसने बताया कि उसे विद्यालय में सिर्फ व्यवस्था स्वरूप रखा गया है। गैर जिम्मेदार शिक्षकों पर कार्रवाई कर रहे विद्यालय में अध्यापन के प्रति लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों का एक एक माह का वेतन राजसात कराए जाने की कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है। शिक्षण व्यवस्था में लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। – प्रीति जाटव, बीईओ सेंवढ़ा