धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयोजनों के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन के अनुसार, 6 अप्रैल को रामनवमी, 10 अप्रैल को महावीर जयंती, 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, 17 अप्रैल को चंद्रशेखर जयंती, 18 अप्रैल को गुड फ्राइडे, 29 अप्रैल को परशुराम जयंती, 9 मई को महाराणा प्रताप जयंती, 12 मई को बुद्ध पूर्णिमा सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ, राजनीतिक पार्टियों और संगठनों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों तथा विभिन्न बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के मद्देनजर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है।
धारा-163 लागू होने के साथ ही कई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है:
– बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन और जुलूस नहीं किए जा सकेंगे। – सार्वजनिक स्थानों पर पांच से अधिक लोग बिना अनुमति के एकत्र नहीं हो सकेंगे। – डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर सख्ती रहेगी, जिसका पालन परीक्षा अवधि और उच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप किया जाएगा। – किसी समुदाय, जाति या धर्म के खिलाफ भड़काऊ नारेबाजी, पोस्टर एवं पर्चों के वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
– ऐसे व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहेगा, जिनसे क्षेत्र में तनाव उत्पन्न होने की संभावना हो। – चाकू, तलवार, भाला, छुरा आदि धारदार हथियार लेकर चलने की मनाही होगी, हालांकि यह प्रतिबंध पुलिसकर्मियों और बुजुर्गों पर लागू नहीं होगा।
इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने अन्य कड़े निर्देश भी जारी किए हैं:
– पेट्रोल पंप मालिक केवल वाहनों में ही पेट्रोल और डीजल भरेंगे, किसी अन्य बर्तन में इसकी बिक्री प्रतिबंधित होगी। – होटल और धर्मशाला संचालकों को बिना पहचान पत्र के किसी को ठहराने की अनुमति नहीं होगी। – सोशल मीडिया पर समाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट और संदेशों के प्रसार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। – परीक्षा के दौरान 200 मीटर की परिधि में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश और फोटोकॉपी/स्कैनर की दुकानें बंद रहेंगी।
– सार्वजनिक स्थानों पर शराब और नशीले पदार्थों के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। – सरकारी दफ्तरों और अन्य सार्वजनिक स्थलों के आसपास ड्रोन कैमरे से शूटिंग करना वर्जित होगा।
गाजियाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश गाजियाबाद में रहने वाले और यहां से गुजरने वाले सभी व्यक्तियों पर लागू होगा।