Gun Carriage Factory (GCF) के पांच मैदान निजी हाथों में, लाखों रूपये की हो रही कमाई
Gun Carriage Factory : चुंगीनाका और सतपुला के पास कर्मचारी आवासों को तोडऩे के बाद खाली हुई जमीनों पर अतिक्रमण रोकने के लिए इनका आवंटन एक निश्चित अवधि के लिए किया जा रहा है।
Gun Carriage Factory : चुंगीनाका और सतपुला के पास कर्मचारी आवासों को तोडऩे के बाद खाली हुई जमीनों पर अतिक्रमण रोकने के लिए इनका आवंटन एक निश्चित अवधि के लिए किया जा रहा है। हाल में छह मैदानों के लिए माहवार निविदा निकाली गई। मौके की जमीन को देखते हुए टेंट और केटरर्स के साथ ही मेला लगाने वाले लोगों ने बोली लगाकर इसका आवंटन कराया। इससे 15 से 20 लाख रुपए का राजस्व भी आया है। इसे देखते हुए अब फैक्ट्री प्रबंधन शेष जमीनों का उपयोग भी इसी तर्ज पर करने की तैयारी में है।
Gun Carriage Factory : जीसीएफ के पास 18 सौ एकड़ जमीन अनुपयोगी बाकी भूमि भी ठेके पर देने की तैयारी अतिक्रमण रुकेगा, आमदनी भी होगी
निगमीकरण के बाद जमीनों का रखरखाव और उपयोग का जिम्मा अब रक्षा कंपनियों के पास आ गया है। गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) के पास 18 सौ एकड़ जमीन है। इसमें फैक्ट्री भी स्थापित है। शेष जमीन का उपयोग अधिकारी और कर्मचारियों के आवास के अलावा स्कूल, मार्केट, निरीक्षण बंगला, सीएसडी केन्टीन और डीएससी के अलावा कुछ कार्यालयों के निर्माण में हुआ है। लेकिन आवासों की जमीन खाली होती जा रही है। चुुंगी नाका से लेकर सतपुला तक जो आवास जर्जर थे उन्हें तोड़ दिया गया है। ऐसे में अब इनकी जगह खाली हो गई है। ऐसे में उसमें कब्जे भी शुरू हो गए थे।
Gun Carriage Factory : सुरक्षा अमला भी हुआ कम
निगमीकरण के बाद नई भर्तियां बंद ही हैं। ऐसे में कर्मचारियों की कमी निरंतर हो रही है। एस्टेट की सुरक्षा के लिए पहले की तरह अमला नहीं रहा है। इसलिए जमीनों के आवंटन का रास्ता निकाला गया है। हाल में छह मैदानों के लिए टेंडर निकाला गया था। इनमें पनेहरा मैदान, मंगल पराग मैदान, काली मंदिर मैदान, परेल लाइन मैदान, राममंदिर मैदान और न्यू लाइन मैदान शामिल था। इनमें से पांच मैदान आवंटित किए गए हैं। इनका आवंटन निर्धारित अवधि के लिए हुआ है।
Gun Carriage Factory : अतिक्रमण से बचाव और राजस्व के लिए मैदानों का आवंटन टेंडर प्रक्रिया के तहत किया गया है। पांच मैदान तय अवधि के लिए लोगों को दिए गए हैं। जो शेष रह गए हैं, उन्हें भी आवंटित किया जाएगा।
राहुल चौधरी, महाप्रबंधक, जीसीएफ
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