घर से दूर कर रहे जीवन यापन
बॉर्डर होमगार्ड लालचंद ने बताया कि मुख्यालय से सैकड़ों किलोमीटर दूर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अस्थायी तौर पर तैनात जवानों को कई आर्थिक कठिनाइयों और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि बॉर्डर होमगार्ड सशस्त्र चार बटालियनों का गठन राजस्थान राज्य के सीमावर्ती चार जिलों में भारत-पाकिस्तान युद्ध 1965 के बाद किया गया था। अब राज्य की कानून व्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा के लिए भी इन्हें तैनात कर सेवाएं ली जा रही हैं।राजस्थान में 416 महिला पर्यवेक्षक को मिली नियुक्ति, 200 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सपना भी हुआ साकार
इनका कहना है
घर से दूर रहकर बॉर्डर होमगार्ड सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा इन्हें जरूरत पड़ने पर कानून व्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा के लिए उपयोग में लिया जाता है। सरकार इनका हक नहीं छीने, विराम भत्ते का भुगतान पहले ही तरह शुरू करें। करीब 3 साल से इनका भत्ता रोक रखा है।-ईरा बॉस, प्रदेशाध्यक्ष, युवा हल्ला बोल